पैसे के दम पर बीजेपी का चुनावी तमाशा! सुजात आंबेडकर का गंभीर आरोप

Sujat Ambedkar Allegations: सुजात आंबेडकर ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पैसों और दबाव से 100 से अधिक उम्मीदवारों को निर्विरोध जीत दिलाई। इसे उन्होंने लोकतंत्र का अपमान बताया।
पैसे के दम पर बीजेपी का चुनावी तमाशा
पैसे के दम पर बीजेपी का चुनावी तमाशा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Nagpur Municipal Polls: सुजात आंबेडकर ने आरोप लगाया कि चुनाव विभाग, पुलिस और प्रशासन पर दबाव डालकर बीजेपी ने पैसे के दम पर चुनाव को तमाशा बना दिया है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया से चुने जाने वाले जनप्रतिनिधियों की जगह दबाव और पैसों के बल पर 100 से अधिक उम्मीदवारों को नगर परिषद व नगर पंचायत चुनाव में निर्विरोध विजयी कराया गया। यह संविधान और लोकतंत्र का अपमान है।

वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रमुख एड. प्रकाश आंबेडकर के पुत्र सुजात आंबेडकर ने प्रेस वार्ता में कहा कि निकाय चुनाव में बीजेपी दबंगई से काम कर रही है और मनमाने तरीक़े से चुनावों को प्रभावित किया जा रहा है। पैसों और धमकियों का इस्तेमाल कर 100 से ज्यादा सीटों पर निर्विरोध चुनाव करवाए गए। ऐसे हालात बने रहे तो सामान्य परिवार का उम्मीदवार चुनाव में उतर ही नहीं पाएगा। यही बीजेपी की नीति है। प्रेस वार्ता में शहराध्यक्ष मंगेश वानखेड़े और राहुल दहीकर भी उपस्थित थे।

कांग्रेस दगाबाज़ पार्टी

सुजात ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा दगाबाज़ी का रहा है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को भंडारा और मुंबई से हराया गया था। अक़ोला में भी कांग्रेस ने मतों का विभाजन करवाकर प्रकाश आंबेडकर को हराया। कांग्रेस को अपने उम्मीदवार की जीत की चिंता नहीं रहती, लेकिन प्रकाश आंबेडकर जीत न जाएं। इसके लिए लगातार प्रयास करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि नांदेड़ में गठबंधन होने के बावजूद कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाड़ी के उम्मीदवार के खिलाफ काम किया। सुजात ने कहा कि कांग्रेस हमेशा समाज-विरोधी रही है। महाविकास आघाड़ी पर भी उन्होंने धोखेबाज़ी और उलझाए रखने का आरोप लगाया।

आम लोगों को चुनाव से कर रहे हैं ‘वंचित’

उन्होंने कहा कि इसी वजह से वंचित बहुजन आघाड़ी स्वाभिमान के साथ अकेले ही चुनाव लड़ती है। तीसरे मोर्चे को लेकर उन्होंने कहा कि कई दल सक्रिय हैं। आंबेडकरी दलों के एकजुट होने में कोई अड़चन नहीं है। जो साथ आना चाहता है, वह वंचित के साथ आए — चर्चा के दरवाज़े हमेशा खुले हैं।

संघ एक आतंकवादी संगठन

सुजात ने कहा कि जब तक उनके तीन सवालों के जवाब नहीं मिलते, तब तक संघ के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दोहराया कि संघ एक आतंकवादी संगठन है क्योंकि उन्होंने संविधान स्वीकार नहीं किया,उन्होंने तिरंगा ध्वज स्वीकार नहीं किया, वे धर्मादाय ट्रस्ट की वैधानिक पंजीकरण प्रक्रिया को नहीं मानते इसलिए जब तक वे इन तीनों बातों को स्वीकार नहीं करते, उनके आरोप जारी रहेंगे।

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