मांगरूड में अवैध उत्खनन का बड़ा खुलासा, केजीएन स्टोन क्रशर पर रॉयल्टी चोरी का आरोप
Illegal Mining: भिवापुर तहसील के मांगरूड में के.जी.एन. स्टोन क्रशर पर अनुमति से अधिक उत्खनन कर रॉयल्टी चोरी का आरोप लगा है। सामाजिक कार्यकर्ता ने अधिकारियों के निलंबन की मांग की है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
Stone Crusher Royalty Theft: भिवापुर तहसील के मांगरूड ग्राम में स्थित के।जी।एन। स्टोन क्रशर के मालिक द्वारा परमिट से कहीं अधिक अवैध उत्खनन कर सरकार की रॉयल्टी की चोरी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए मांगरूड निवासी सामाजिक कार्यकर्ता स्वप्निल मालके ने भिवापुर शासकीय विश्रामगृह में आयोजित पत्र परिषद में तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के निलंबन की मांग की।
मालके ने बताया कि, भिवापुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित मांगरूड गांव में के।जी।एन। क्रशर कंपनी के संचालक मो। साजिद शफीक अंसारी एवं मो। जावेद शफीक अंसारी द्वारा सर्वे नंबर 44 की कुल 2.44 हेक्टेयर सरकारी भूमि से अनुमति से अधिक लगभग 2000 बास पत्थर, मुरूम और बोल्डर का उत्खनन किया गया।
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उत्खनित सामग्री की ढुलाई भारी ट्रकों के माध्यम से की गई। पत्र परिषद में आरोप लगाया गया कि क्रशर स्थल के पूर्व एवं दक्षिण दिशा में वन विभाग का आरक्षित वन क्षेत्र है, जहां की भूमि शासकीय होने के बावजूद अवैध रूप से उत्खनन किया गया।
इससे स्पष्ट होता है कि इस पूरे प्रकरण में स्टोन क्रशर संचालक और संबंधित शासकीय अधिकारियों की मिलीभगत है। आदिवासी आश्रमशाला के बच्चों की जान को खतरा: यह स्टोन क्रशर स्टेट हाइवे से मात्र 300 मीटर की दूरी पर स्थित है, जहां पास ही एक आदिवासी आश्रमशाला भी है। बार-बार की जा रही ब्लास्टिंग और क्रशिंग गतिविधियों से बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है, ऐसा भी आरोप मालके ने लगाया।
पालकमंत्री को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने का आरोप
इस अवैध उत्खनन के संबंध में पहले उपविभागीय अधिकारी, उमरेड को लिखित शिकायत दी गई थी। इसके बाद 20 जनवरी को नागपुर में आयोजित जनता दरबार में राजस्व मंत्री एवं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को ज्ञापन सौंपा गया।
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पालकमंत्री ने इस मामले में उपविभागीय अधिकारी उमरेड को लिखित रूप से उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। हालांकि, पत्र परिषद में मालके ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद उपविभागीय अधिकारी द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस अवसर पर किसान सुधीर नथ्थू गडेकर एवं पंकज विठ्ठल पिल्लेवान उपस्थित थे।
