कोराडी-खापरखेड़ा की फ्लाई ऐश निपटान पर सख्त हुए बावनकुले, मिशन मोड में काम के निर्देश; हर 15 दिन होगी समीक्षा
Nagpur Fly Ash Disposal: राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कोराडी-खापरखेड़ा थर्मल प्रकल्पों की फ्लाई ऐश के वैज्ञानिक और समयबद्ध निपटान के लिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
फ्लाई ऐश निपटान, कोराडी प्रकल्प, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Koradi Thermal Plant: नागपुर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कोराडी-खापरखेड़ा थर्मल पावर प्रकल्पों से निकलने वाली राख (फ्लाई ऐश) से कोल व अन्य खदानों को भरने के सख्त निर्देश दिये हैं। नियोजन भवन में इस संदर्भ में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि विद्युत केंद्र की राख के निपटान के लिए ‘मिशन मोड’ में काम किया जाए, इस कार्य में तेजी लाने के लिए महानिर्मिति के 3 मुख्य अभियंताओं की एक विशेष समिति गठित की गई है।
यह समिति प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा बैठक आयोजित करेगी तथा राख के उत्पादन, उठाव, भराव और उपयोग पर निगरानी रखेगी। उन्होंने फ्लाई ऐश तथा राख तालाबों में जमा राख का वैज्ञानिक तरीके से और समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को ‘मिशन मोड’ में कार्य पर लगने का निर्देश दिया।
15 दिनों में दें राख की मांग का प्रस्ताव
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि पर्यावरण, कृषि और जलस्रोतों को किसी प्रकार की क्षति पहुंचाए बिना राख के निपटान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार नेशनल हाईवे, एनआईटी, पीडब्ल्यूडी, मॉयल, वेकोलि तथा अन्य उपयोगकर्ता संस्थाओं को राख तालाबों से आवश्यक राख की मांग का प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर जिला खनिकर्म अधिकारी को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
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इसके अलावा, एनएमआरडीए को राख भराव के लिए बंद खदानों का ड्रोन सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक स्वीकृतियों में देरी से बचने के लिए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के कुछ अधिकार नागपुर कार्यालय को हस्तांतरित करने संबंधी तकनीकी टिप्पणियां तैयार करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।
रेत की जगह राख पर जोर
बैठक में नदियों से निकाली जाने वाली रेत के स्थान पर फ्लाई ऐश के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। वैकोलि और मॉयल को डीजीएमएस के दिशा-निर्देशों के अनुसार खदानों को बंद करने तथा भराव कार्यों में राख का प्राथमिकता से उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
पूरी प्रक्रिया की नियमित समीक्षा जिला खनिकर्म अधिकारी द्वारा की जाएगी तथा प्रत्येक माह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। प्रशासन, महानिर्मिति और संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से राख प्रबंधन की समस्या का प्रभावी समाधान करने का निर्देश उन्होंने दिया।
