

Atharva Nanore Murder Case Solved: नागपुर के गिट्टीखदान इलाके में अथर्व नानोरे हत्यकांड में आखिरकार पुलिस को सफलता हाथ लगी। 14 वर्षीय मासूम अथर्व नानोरे की हत्या मामले में नागपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन तीनों आरोपियों की पहचान जयराम गोपाल यादव (19), केतन उर्फ कुणाल रमेश साहू (22) और आयुष मोहन साहू (19) के रूप में हुई है। 72 घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने जब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला विस्तार से सामने आ गया।
गिट्टीखदान पुलिस की जांच में सामने आया कि अथर्व के पिता सब्जी बेचते है। आरोपी भी अक्सर अथर्व के पिता से सब्जियां खरीदते है और उन पर कर्ज भी था। आरोपियों को यह भी पता था कि अथर्व के पिता सब्जियों के थोक विक्रेता थे और आमतौर पर अपने पास नकद पैसे रखते थे। इसी लालच में आकर, घटना से तीन दिन पहले तीनों आरोपियों ने मिलकर खौफनाक साजिश रची।
तीनों ने मिलकर अथर्व को अगवा करने की साजिश रची और उसे बहला-फुसलाकर ले जाने की जिम्मेदारी जयराम को सौंपी गई। घटना वाले दिन हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान अथर्व आइसक्रीम खरीदने के लिए बाहर निकला। उसी समय, जयराम ने उसे किसी बहाने से बहला-फुसलाकर एक टाटा ऐस गाड़ी तक पहुंचाया, जहां आयुष और कुणाल पहले से ही इंतजार कर रहे थे।
तीनों ने जबरदस्ती उसे गाड़ी में डाल दिया और इससे पहले की अथर्व शोर मचाता आरोपियों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूस दिया। आरोपी उसे गोरेवाड़ा की तरफ ले गए; हालांकि, गिट्टीखदान इलाके में मचे शोर-शराबे से घबराकर, उन्होंने कपड़े के एक टुकड़े से गला घोंटकर अथर्व की हत्या कर दी। इसके बाद, रात के अंधेरे का फायदा उठाकर, उन्होंने गाड़ी को सड़क किनारे छोड़ दिया और अपने-अपने घर लौट गए।
अथर्व नानोरे (Atharva Nanore) के लापता होने के बाद, पुलिस ने इलाके के लगभग 100 से भी ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले। आखिरकार, पुलिस के हाथ वह सीसीटीवी लगा जिससे इस मामले का खुलासा हो सका। जांच के दौरान, एक टाटा ऐस गाड़ी को अपराध स्थल की दिशा में संदिग्ध तरीके से जाते हुए दिखी। इसी सुराग के आधार पर, आयुष को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई, जिसके दौरान उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद, अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
हत्या करने के बाद, आरोपियों ने अथर्व के शव को कालमेश्वर रेलवे क्रॉसिंग फ्लाईओवर के पास फेंक दिया और किसी भी तरह के सबूत मिटाने के लिए गाड़ी को धो दिया। यह पूरी कार्रवाई गिट्टीखदान पुलिस और क्राइम ब्रांच की एक संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई।