पदाधिकारियों पर उड़े करोड़ों, पर मिनी महापौर के पास केबिन तक नहीं; नागपुर मनपा का आसीनगर जोन में अजीब कारनामा
Nagpur Municipal Corporation: नागपुर मनपा में सत्ता परिवर्तन के बाद भी आसीनगर जोन में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। 'मिनी महापौर' को बिना स्थायी केबिन के कामकाज करना पड़ रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
मनपा, आसीनगर जोन, मिनी महापौर, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Nagpur Civic Administration: नागपुर मनपा में प्रशासक राज के 4 वर्षों बाद सत्ता स्थापित होते ही तमाम पदाधिकारियों के लिए केबिन से लेकर हर सेवा-सुविधाओं पर करोड़ों रुपए फूंक दिए गए किंतु इसके विपरीत विशेष रूप से उत्तर नागपुर स्थित आसीनगर जोन की हालत बदतर है। जहां ‘मिनी महापौर’ के पास स्वयं का केबिन तक नहीं है। लोगों को सेवा-सुविधाएं और उनकी समस्याएं सुलझाने के लिए ‘मिनी महापौर’ को मजबूरन स्वास्थ्य अधिकारी की केबिन का सहारा लेना पड़ा है। जहां से हाल ही में हुई बूंदाबांदी के दौरान पानी टपकने की घटना भी उजागर हुई है।
बहरहाल प्रशासन की अनदेखी के चलते आसीनगर जोन में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कामकाज प्रभावित हो रहा है। आश्चर्यजनक यह है कि ‘मिनी महापौर’ जैसे पद को लेकर प्रशासन का उदासीन रवैया सामने आया है। पदभार ग्रहण किए हुए काफी समय बीत जाने के बावजूद अब तक आवश्यक कार्यालयीन सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
सुविधाओं का अकाल : कर्मचारियों का अभाव
जानकारी के अनुसार वर्तमान में प्रभाग समिति के सभापति के बैठने के लिए कार्यालय में कोई स्वतंत्र केबिन तक उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, कार्यालयीन कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए अत्यंत आवश्यक माने जाने वाले निजी सहायक (पीए), पियून और टाइपिस्ट (या टाइपराइटर) जैसी बुनियादी सुविधाएं भी प्रशासन द्वारा मुहैया नहीं कराई गई हैं। हालांकि नाम के लिए कम्प्यूटर दिए जाने का प्रशासन की ओर से दावा तो किया जा रहा है किंतु वर्तमान में यह कार्यरत नहीं है।
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विपक्ष के साथ हो रहा भेदभाव
उल्लेखनीय है कि आसीनगर जोन में कांग्रेस का ‘मिनी महापौर’ बना है। विपक्ष का आरोप है कि सत्तापक्ष ने भाजपा के जोन में प्रत्येक ‘मिनी महापौर’ को तुरंत प्रभाव से हर सुविधा मुहैया कराई है किंतु कांग्रेस के ‘मिनी महापौर को सेवा सुविधा प्रदान करने में भेदभाव किया जा रहा है।
‘मिनी महापौर होने के नाते सभापति से मिलने के लिए प्रति दिन बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं और क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे लेकर पहुंचते हैं।
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प्रभाग समिति का सभापति स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है लेकिन आवश्यक संसाधनों और कर्मचारियों के अभाव में कार्यों का निष्पादन मुश्किल हो गया है जिससे न केवल नागरिकों के काम प्रभावित हो रहे हैं बल्कि प्रशासनिक समन्वय में भी बड़ी बाधाएं आ रही है। ऐसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति को न्यूनतम कार्यालयीन सुविधाएं भी न मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रशासन को दी चेतावनी
इस स्थिति को देखते हुए नागपुर महानगरपालिका प्रशासन और संबंधित आला अधिकारियों से यह पुरजोर मांग की गई है कि आसीनगर जोन के ‘मिनी महापौर’ के लिए तत्काल एक स्वतंत्र केबिन, पीए, पियून, टाइपिस्ट तथा अन्य जरूरी कार्यालयीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि जनता से जुड़े कार्य अधिक प्रभावी और सुचारु रूप से संपन्न हो सकें। साथ ही प्रशासन को चेतावनी भी दी गई है कि यदि शीघ्र ही इस दिशा में उचित कदम उठाकर कार्रवाई नहीं की गई तो इस गंभीर विषय को मनपा की सर्वसाधारण सभा सहित अन्य सक्षम मंचों पर उठाया जाएगा।
