काटोल-नरखेड़ विधानसभा में 35,535 वोटों की चोरी, अनिल देशमुख का भाजपा पर आरोप

Nagpur Latest News: पूर्व गृहमंत्री और एनसीपी-एसपी के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सरकार पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए।
Nagpur Latest News: पूर्व गृहमंत्री और एनसीपी-एसपी के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सरकार पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए।
अनिल देशमुख (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur News: पूर्व गृहमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गट) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि काटोल-नरखेड़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी कर 35,535 वोटों की चोरी की गई है। उन्होंने दावा किया कि यह षड्यंत्र भाजपा ने चुनाव आयोग की मिलीभगत से विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए रचा है।

देशमुख ने बताया कि मतदाता सूचियों की जांच के लिए 13 टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने तीन महीनों तक जांच करने के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। उनके अनुसार, वर्ष 2019 की विधानसभा से लेकर 2024 की लोकसभा चुनाव के बीच मतों में केवल 1,952 की वृद्धि हुई थी, लेकिन मात्र पांच महीने में लोकसभा 2024 से विधानसभा 2024 के बीच 8,400 नए मत जोड़े गए, जो संदेहास्पद है।

मतदाता सूची से नाम गायब

उन्होंने कहा कि कई भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ भाजपा समर्थकों के नाम दो-दो जगह दर्ज हैं, शहर और ग्रामीण दोनों इलाकों में। इससे वे एक से अधिक बार मतदान कर सकते हैं। देशमुख ने उदाहरण देते हुए कहा कि काटोल के विधायक चरण सिंह ठाकुर के भाई दिलीप और मुन्ना ठाकुर के नाम दो स्थानों पर दर्ज हैं।

इसी तरह, भाजपा पदाधिकारी योगेश चाफले ने भी अलग-अलग स्थानों कोंढाली नगर पंचायत और काटेपांजरा (जिप क्षेत्र) में अपने नाम दर्ज करवाए हैं ताकि आरक्षण के अनुसार चुनाव लड़ा जा सके। इसके अलावा, एनसीपी उम्मीदवार संजय राऊत का नाम वानाडोंगरी नगर पंचायत में स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि उन्होंने इस संबंध में कोई आवेदन ही नहीं किया था।

जिलाधिकारी की रिपोर्ट

इस प्रकरण में जिलाधिकारी की रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट किया गया है कि नाम का स्थानांतरण को लेकर राऊत ने कोई आवेदन नहीं किया। इस पर तहसीलदार हिंगना ने पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई है। देशमुख ने यह भी खुलासा किया कि मध्यप्रदेश सीमा से सटे इस क्षेत्र में कई ऐसे मतदाता हैं जिनके नाम काटोल-नरखेड़ की मतदाता सूची में गलत तरीके से जोड़े गए हैं।

इनमें मध्यप्रदेश के लांगा गांव की सरपंच वनिता पराडकर और उनके उपसरपंच पति गणपति पराडकर का नाम भी शामिल है, जो भाजपा कार्यकर्ता हैं। देशमुख ने कहा कि, यह पूरा मामला लोकतंत्र की हत्या के समान है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

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