नितिन गडकरी के गढ़ में ही दावों की खुली पोल; 2 महीने का दावा, 5 महीने बाद भी अधूरा अजनी स्टेशन प्रोजेक्ट
Nagpur Ajni Station Redevelopment: नागपुर के बहुप्रतीक्षित अजनी स्टेशन रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में देरी से यात्रियों की परेशानी बढ़ी है। जनवरी में किए गए वादों के बावजूद प्लेटफॉर्म व FOB का काम अधूरा है
- Written By: अंकिता पटेल
अजनी स्टेशन प्रोजेक्ट, रेलवे देरी,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Railway Project Delay: नागपुर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की कार्यशैली बड़े-बड़े प्रोजेक्ट को भी तय समय में जमीन पर उत्तारने और पूरा करने में उनकी देशभर में मिसाल मानी जाती है। लेकिन उनके ही गढ़ नागपुर में रेलवे का बहुप्रतीक्षित अजनी स्टेशन रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट अब धीमी रफ्तार और अधूरे वादों का प्रतीक बनता जा रहा है।
इसी वर्ष जनवरी में नागपुर मंडल ने बड़े भरोसे के साथ दावा किया था कि अजनी स्टेशन रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत अगले 2 महीनों में नये प्लेटफॉर्म और एफओबी तैयार हो जायेंगे लेकिन मई खत्म होने को है और अब तक ये काम नहीं हो सका। इसका नतीजा नागपुर स्टेशन और यात्री भुगत रहे हैं।
तो नागपुर स्टेशन भी फंसा
एक अजनी स्टेशन की देरी अब सिर्फ प्रोजेक्ट की समस्या नहीं रहीं बल्कि इसका असर पूरे नागपुर रेलवे नेटवर्क पर पड़ने लगा है। सूत्रों के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने नागपुर मंडल प्रबंधन को इटारसी छोर पर प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 के ट्रैक को सीधा करने के लंबित काम को हरी झंडी दिखा दी है। इस काम के लिए कई दिनों तक दोनों प्लेटफॉर्म बंद रखने होंगे, इससे नागपुर होते हुए उत्तर और दक्षिण भारत की और जाने वाली सभी ट्रेनें प्रभावित होंगी।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में अचानक मोबाइल पर क्यों बजा खतरनाक साइरन? जानिए ‘Extremely Severe Alert’ का पूरा सच
वर्धा में मानसून से पहले 29 लाख की लागत से साफ होंगे शहर के नाले, जलभराव रोकने के लिए 40 कर्मियों की टीम तैनात
सातपुर प्रभाग के नए सभापती समाधान देवरे के सामने समस्याओं का पहाड़, बुनियादी सुविधाओं की किल्लत
नितेश राणे के होटल में मिलता है ‘मटन’, ‘वर्चुअल कुर्बानी’ वाले बयान पर हाजी अराफात शेख का तीखा पलटवार
यह भी पढ़ें:-नागपुर: 11वीं में सीटें 1 लाख के पार, पर रजिस्ट्रेशन सिर्फ 22 हजार; सीटें खाली रहने का डर
इन ट्रेनों को अजनी स्टेशन से परिचालित किया जाना है, ऐसे में यह काम तब तक शुरू नहीं हो सकता जब तक अजनी स्टेशन पर नये प्लेटफॉर्म और खानपान, पीने का पानी और शौचालय जैसी आधारभूत यात्री सुविधाये उपलब्ध न हो। ऐसे में वर्तमान स्थिति को देखते हुए लगता है कि 2 महीने का दावा 6 महीनों में बाद भी पूरा नहीं हो पायेगा।
अभी भी बहुत काम है बाकी
- तय सर्कुलेटिंग एरिया के साथ पूर्व दिशा में नये स्टेशन भवन।
- मेट्रो स्टेशन से कनेक्टिविटी साथ पश्चिम की ओर नये भवन।
- एलिवेटेड कॉन्कोर्स (72 मी. बाय 66 मी.)।
- 18 मी। चौड़ा एफओबी (पूर्व और पश्चिम प्रस्थान विग से जुड़ा)।
- आने वाले यात्रियों के लिए 2 डेडिकेटेड एफओबी (10-10 मी. चौड़े)।
- 21 लिफ्ट, 17 एस्केलेटर, 06 ट्रैक्लेटर।
- टिकट खिड़की और कतार क्षेत्र पूर्व 70 वर्ग में। पश्चिम 60 वर्ग मी।
- वेटिंग एरिया (कॉनकोर्स) 2,600 वर्ग मी।, रिटेल कॉन्कोर्स- 600 वर्ग मी. (लगभग)।
- टैक्सियों, निजी कारों और तिपहिया वाहनों के लिए डेडिकेटेड लेन, ड्रॉप ऑफ एरिया।
- टिकट, रिटेल, कियोस्क, एटीएम, हेल्प डेस्क, सूचना बूथ, क्लॉर्क रूम, चेंजिंग रूम, वीआईपी रूम, लाउंज, पर्यटक सूचना।
297 करोड़ का ड्रीम प्रोजेक्ट, मगर रफ्तार ‘स्लो ट्रैक’ पर
करीब 297,79 करोड रुपए की लागत से आधुनिक रूप में तैयार हो रहे अजनी स्टेशन को नागपुर रेलवे नेटवर्क का ‘पयूचर हब’ बताया गया है।
अजनी स्टेशन के नये प्लेटफॉर्म शुरू होने से यहां से ट्रेनों का परिचालन शुरू होते ही नागपुर स्टेशन का दबाव काफी कम हो जाएगा।
रेलवे के दावों के मुताबिक, नया फुटओवर ब्रिज और कई प्लेटफॉर्म अप्रैल तक तैयार हो जाने में लेकिन आज भी कई हिस्सों में निर्माण कार्य जारी है।
यात्रियों को न तो अपेक्षित सुविधा मिल पाई है और न ही ट्रेनों का वह परिचालन शुरू हो सका है जिसकी घोषणा की गई
सबसे बड़ी बात यह है कि जिन प्लेटफॉर्मों से ट्रेनों का संचालन होना था वे अब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो पाए है।
