गडकरी की साख को बट्टा लगा रहा है 335 करोड़ का अजनी रेलवे ओवर ब्रिज, बार-बार बढ़ रही है डेडलाइन, जानें क्यों

Ajni Railway Overbridge: नागपुर के 125 साल पुराने अजनी पुल के विकल्प के रूप में बन रहा 332 करोड़ रुपये का 6-लेन केबल-स्टेड ब्रिज सुस्त रफ्तार के कारण 15 सितंबर की डेडलाइन तक पूरा नहीं हो पाएगा।
Ajni Railway Overbridge
अजनी रेलवे ओवर ब्रिज का काम अधूरा (फोटो नवभारत)
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Ajni Railway Overbridge Deadline Update: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृहनगर नागपुर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण ट्रैफिक प्वाइंट्स में से एक अजनी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में यातायात की समस्या को दूर करने के लिए बन रहा नया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) सुस्त निर्माण गति के कारण लटकता हुआ नजर आ रहा है। 332 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार किया जा रहा यह 6-लेन का आधुनिक केबल-स्टेड फ्लाईओवर शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने वाला एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। हालांकि, धरातल पर चल रहे कार्य की धीमी रफ्तार को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि यह अपने तय समय सीमा पर पूरा नहीं हो सकेगा।

अजनी में बन रहा ट्विन केबल-स्टे ब्रिज

नागपुर में अंग्रेजों के समय बने 125 साल पुराने पुराने अजनी रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को बदलने के लिए लगभग 332 करोड़ रुपए की लागत से एक नया ट्विन केबल-स्टे ब्रिज बनाया जा रहा है। इसका भूमिपूजन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। इस प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MRIDC) द्वारा पूरा किया जा रहा है। यह ब्रिज नागपुर रेलवे स्टेशन के लक्ष्मण झूला केबल ब्रिज जैसा होगा।

ब्रिटिश-युग के अजनी ब्रिज की लेगा जगह

333 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बन रहे इस नए छह-लेन वाले रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) का मकसद 125 साल पुराने ब्रिटिश-युग के अजनी ब्रिज की जगह लेना है, जो खराब हालत के कारण भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था।

दो चरणों में पूरा होगा अजनी रेलवे ओवर ब्रिज

ट्रैफिक में रुकावट से बचने के लिए अजनी ओवर ब्रिज का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण अक्टूबर 2025 में पूरा करना था लेकिन यह नही हो पाया। 332 करोड़ की लागत से बनाये जा रहे इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन 15 सितंबर तय की गई है, लेकिन प्रगति देखकर कहीं से नहीं कहा जा सकता है कि प्रोजेक्ट अपने टाइम पर पूरा भी हो सकेगा।

एक हिस्सा पूरा कर लेगी और पुराने ब्रिज को तोड़ने से पहले ट्रैफिक को उस पर डायवर्ट कर दिया जाएगा। दूसरे चरण में उसी जगह पर दूसरा केबल-स्टेयड ब्रिज बनाया जाएगा, जिससे एक मीटर के गैप से अलग दो समानांतर पुलों पर दोनों तरफ का ट्रैफिक आसानी से चल सकेगा। हालांकि निर्माण में देरी के कारण समय सीमा में इसके पूरा होने की उम्मीद कम है। ऐसे में लोगों को फिलहाल ट्रैफिक जाम से राहत नहीं मिलेगी।

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