नागपुर एयरपोर्ट का कायाकल्प: 25 जून को GMR ग्रुप को मिलेगा नियंत्रण, 7,000 करोड़ के निवेश से बदलेगी तस्वीर
Nagpur Airport News: नागपुर एयरपोर्ट का नियंत्रण 25 जून को आधिकारिक तौर पर जीएमआर ग्रुप को सौंपा जाएगा। 7,000 करोड़ के निवेश से टर्मिनल विस्तार और आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा।
- Written By: रूपम सिंह
नागपुर एयरपोर्ट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Nagpur International Airport Privatization: अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण और विस्तार का रास्ता आखिरकार पूरी तरह साफ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने प्रशासनिक बाधाओं को दूर करते हुए ‘जीएमआर ग्रुप’ को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत एयरपोर्ट का संचालन सौंपने की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद 25 जून को नागपुर एयरपोर्ट का नियंत्रण आधिकारिक तौर पर जीएमआर ग्रुप को हैंडओवर किया जा सकता है। इस ऐतिहासिक बदलाव को लेकर बैठकों का दौर लगातार जारी है और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां बेहद जोरों पर हैं।
इस परियोजना में जीएमआर ग्रुप द्वारा करीब 7,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किए जाने की उम्मीद है जो इस पूरे क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित होगा। अधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि 25 को हैंडओवर कर दिया जाएगा। अरसे से रहा है इंतजार एएआई और एमआईएल द्वारा संचालित किए जाने के दौरान नागपुर एयरपोर्ट अपेक्षानुसार विकसित नहीं हो पाया है। यही कारण है कि लोगों की उम्मीद निजीकरण पर टिकी थी।
लोगों को भरोसा है कि निजीकरण यानी जीएमआर को एयरपोर्ट सौंपे जाने के बाद यहां पर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन आ सकता है। जीएमआर को कई एयरपोर्ट संचालन करने का अनुभव है और उसका लाभ यहां पर मिलेगा। केंद्रीय कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के ठीक बाद जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीएनआईएएल) ने एयरपोर्ट के कायाकल्प के लिए एक साथ 4 बड़े टेंडर जारी कर दिए हैं।
सम्बंधित ख़बरें
10 जून की डेडलाइन भी चूकी, मीठी नदी में गाद और कचरा बरकरार; मुंबई में बढ़ा बाढ़ का खतरा
100 साल बाद भी गोंदिया नगर परिषद के पास नहीं डंपिंग यार्ड, ठेकेदार के भरोसे कचरा प्रबंधन
एस कुमार्स बैंक फ्रॉड केस में शिकंजा, ईडी ने रायगढ़ और लंदन की करोड़ों की संपत्तियों को किया अटैच
ACB की बड़ी कार्रवाई: खुर्सापार चेक पोस्ट पर 500 रुपये की घूस लेते आरटीओ इंस्पेक्टर और दलाल गिरफ्तार
रफ्तार बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट 4 हिस्सों में बंटा
प्रोजेक्ट को बिना किसी देरी के तय समय सीमा में पूरा करने के लिए जीएमआर ने इसे 4 अलग-अलग पैकेजों में विभाजित किया है, ताकि समानांतर रूप से काम तेजी से चल सके।
- पैकेज 1 (टर्मिनल का विस्तार)
इसके तहत वर्तमान पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग का विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसमें सिविल स्ट्रक्चर, आर्किटेक्चरल डेवलपमेंट, फिनिशिंग और सैनिटरी फिटिंग्स का काम शामिल है जिससे यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी। - पैकेज 2 (एयरसाइड और लैंडसाइड अपग्रेड): इसके तहत हवाई पट्टी की खुदाई और पेवमेंट का काम, एक नया ‘एप्रन मार्स स्टैंड’, टैक्सीवे-बी और लिंक टैक्सीवे का ओवरले कार्य, पेरिमीटर रोड का निर्माण, ड्रेनेज (जल निकासी) में सुधार और एयरपोर्ट की मुख्य इमारतों में बदलाव किए जाएंगे।
- पैकेज 3 (भविष्य का बुनियादी ढांचा): यह पैकेज विशेष रूप से भविष्य में होने वाले एयरसाइड और लैंडसाइड बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आवश्यक खुदाई और फॉर्मेशन कार्यों से संबंधित है।
- पैकेज 4 (एमईपी वर्क्स) : इसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रकल और प्लंबिंग (एमईपी) कार्य शामिल हैं जैसे कि एडवांस्ड एचवीएसी (एयर कंडीशनिंग) सिस्टम, अग्निशामक बुनियादी ढांचा, फायर अलार्म सिस्टम, प्लंबिंग नेटवर्क और आंतरिक व बाहरी लाइटिंग की व्यवस्था।
यह भी पढ़ें: – ACB की बड़ी कार्रवाई: खुर्सापार चेक पोस्ट पर 500 रुपये की घूस लेते आरटीओ इंस्पेक्टर और दलाल गिरफ्तार
एक साल पहले से चल रही थी तैयारी
केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी हाल ही में मिली है लेकिन जीएमआर ने इसकी जमीनी तैयारी करीब एक साल पहले ही शुरू कर दी थी। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार जीएमआर ने टर्मिनल विस्तार के लिए 2 जून 2025 को ही रुचि प्रकटीकरण (ईओआई) और प्रारंभिक निविदा नोटिस जारी कर दिए थे जिसके बाद जून और सितंबर 2025 में कई संशोधन किए गए।
