

Nagpur Airport Security Risk: डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय नागपुर एयरपोर्ट की सुरक्षा-व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में है। शेवणगांव से सटी एयरपोर्ट की टूटी पड़ी बाउंड्रीवॉल केवल एक ढांचा नहीं बल्कि उड़ानों की सुरक्षा के लिए छिपा हुआ बड़ा खतरा बनती जा रही है। दीवार में मौजूद दरारें अब आवारा जानवरों के लिए रनवे परिसर में घुसने का 'एंट्री गेट' बन चुकी हैं। इससे हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हवाई अड्डे की सुरक्षा दीवार लंबे समय से टूटी पड़ी है जिससे एयरपोर्ट की सुरक्षा-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस टूटी हुई दीवार के कारण आवारा जानवर आसानी से एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश कर रहे हैं। स्थिति इतनी संवेदनशील बताई जा रही है कि यह जानवर कभी भी रनवे क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं जिससे विमान संचालन में गंभीर जोखिम पैदा हो सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट प्रशासन ने टूटी दीवार की मरम्मत कार्य जल्द शुरू करने का दावा किया था।
एयरपोर्ट की प्री मानसून कार्य में भी इसकी तैयारी दिखाई गई थी लेकिन हकीकत यह है कि जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस काम शुरू होता नजर नहीं आया है। कई जगहों पर दीवार टूटी हुई नजर आ रही है, इसके अलावा कई जगह दीवार के बीच बहुत ज्यादा गैप होने से भी जानवर भीतर घुस रहे हैं। हालांकि नागपुर एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है और बाउंड्रीवॉल की मरम्मत का कार्य जल्द ही पूरा किया जाएगा। हालांकि एयरपोर्ट के पार्किंग एवं प्रवेश परिसर में सुरक्षा चौकी का काम तेजी से होता नजर आ रहा है लेकिन सुरक्षा दीवार की अनदेखी की जा रही है।
रनवे की सुरक्षा दीवार का काम टेंडर 66 प्रक्रिया और मूल्यांकन के बाद होगा शुरू हो जाएगा। आचार संहिता लागू होने के कारण काम की गति पर अभी थोड़ा असर है लेकिन आचार संहिता समाप्त होते ही और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर काम को शुरू कर दिया जाएगा। अब भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं।
सुरक्षा-व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है, दीवार के कुछ हिस्से जरूर क्षतिग्रस्त हैं लेकिन वहां सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों और टर्मिनल के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा सीआईएसएफ के जवान तैनात हैं।
- आबिद रूही, निदेशक, नागपुर एयरपोर्ट