नागपुर तो पीछे रह गया साहब! केंद्रीय मंत्री नायडू ने दिखाई हकीकत, कछुआ चाल से कब तक होगा विकास?
Nagpur Airport News: नागपुर एयरपोर्ट को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने के लिए केंद्र सरकार 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल अपनाएगी। इससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ लाभ मिलने की उम्मीद है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर एयरपोर्ट, हब एंड स्पोक,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Airport Hub and Spoke Model: नागपुर शहर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट को वैश्विक बनाने के लिए ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल अपनाया जाएगा। इसमें 30 क्षेत्रीय इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आपस में जोड़ा जाएगा, ताकि सभी एक दूसरे के सहयोगी बनें और फिर प्रतिस्पर्धा करते हुए वैश्विक ऊंचाइयों को छुएं।
केंद्र सरकार आगामी वर्षों में इसी तर्ज पर एविएशन सेक्टर का विकास करेगी। इसमें सबसे ज्यादा लाभ नागपुर को मिलेगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने एयरपोर्ट हैंडओवर के वक्त इस ओर इशारा किया। हालांकि पिछले 25-26 वर्षों से लोग यही सुनते आ रहे हैं। ऑपरेटर भी बदले हैं।
कुछ विकास भी हुआ है लेकिन संतुष्टिदायक नहीं है, इसलिए अब भी किसी एक कंपनी के भरोसे रह जाना ठीक नहीं है। ‘मिलजुलकर’ ही इस अभियान को बेड़ा पार लगाया जा सकता है। इस बात को सभी ने एयरपोर्ट हस्तांतरण के अवसर पर स्वीकार भी किया है।
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नेताओं के साथ-साथ कंपनियों को भी सकारात्मक सोच के साथ चलना होगा। नायडू ने यह भी स्पष्ट किया था कि नागपुर 1986 से इस दिशा में काम कर रहा है लेकिन उसे सफलता नहीं मिली पाई क्योंकि चाल धीमी थी लेकिन अब समय आ गया है कि नागपुर इस मॉडल का जमकर लाभ उठाएगा।
इसका भौगोलिक लोकेशन नागपुर को ‘उड़ान’ भरने में अब मदद करने जा रहा है। उन्होंने कहा भी नागपुर तो पीछे रह गया है लेकिन देश के अन्य एयरपोर्ट पर इसी मॉडल पर काम किया गया और वे तेजी से बढ़ रहे हैं।
नागपुर में शुरू किए गए मॉडल को उन्नति की राह बनाना अब समय की मांग हो गई है। मंत्री के भाषणों से अन्य सभी को सबक लेना होगा। 2025-28, इन 3 वर्ष में हुए नुकसान की भरपाई के लिए आगे की रणनीति पुख्ता बनानी होगी, तभी यह ‘हब एंड स्पोक’ की संकल्पना साकार हो सकती है।
क्या है यह ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल ?
- इस नई व्यवस्था के तहत देश के 6 प्रमुख महानगरों दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता को ‘हब’ (मुख्य केंद्र) के रूप में विकसित किया जाएगा, वहीं नागपुर जैसे शहर ‘स्पोक’ (केंद्र से जुड़े हुए।
- हवाई अड्डों के रूप में कार्य करेंगे, इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यात्री अब अपने मूल शहर (जैसे नागपुर) से ही अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सारी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे, इमिग्रेशन और बैगेज यात्री अपने शुरुआती हवाई अड्डे पर ही इमिग्रेशन और सामान की चेकिंग पूरी कर लेंगे।
- सीमलेस ट्रांजिट बड़े हब हवाई अड्डों (जैसे दिल्ली) पर उन्हें दोबारा सामान चेक-इन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनका सामान सीधे अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक पहुंचेगा।
यात्रियों को होगा सीधा लाभ
वर्तमान में दुबई, सिंगापुर और अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को ट्रांजिट के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पडता है लेकिन अब एयर इंडिया की ‘ईजी कनेक्ट’ जैसी पहलों के माध्यम से यात्री बिना किसी अतिरिक्त झंझट के अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का लाभ उठा सकेंगे।
सरकार अगले 6 हफ्तों में इस मॉडल के तहत 6 और नए गंतव्यों को जोड़ने की योजना बना रही है जिसके बाद धीरे-धीरे इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। नागपुर का इस महत्वाकांक्षी परियोजना में शामिल होना शहर की वैश्विक कनेक्टिविटी को एक नई उड़ान देने वाला साबित होगा।
क्यों है यह महत्वपूर्ण
नागपुर का इस नेटवर्क में शामिल होना शहर को मध्य भारत के प्रमुख विमानन, लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब के रूप में मजबूती प्रदान करेगा। यह घोषणा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के जीएमआर ग्रुप के साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में चल रहे आधुनिकीकरण और विस्तार कार्यों के बीच आई है।
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वाराणसी में देश की पहली हब-एंड-स्पोक’ सेवा के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत सुधार, बदलाव और बुनियादी ढांचे के विस्तार के माध्यम से एक वैश्विक विमानन केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
