

NORCET Nursing Officer Recruitment: नागपुर नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में लागू 80:20 महिला-पुरुष सीट आवंटन व्यवस्था के विरोध में एम्स नागपुर नर्सेस एसोसिएशन ने शांतिपूर्ण आंदोलन किया। विरोध के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने दिनभर काली फीता बांधकर काम किया और भर्ती प्रक्रिया में समान अवसर की मांग उठाई। एसोसिएशन का कहना है कि नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में उम्मीदवारों को योग्यता, पात्रता और मेरिट के आधार पर अवसर मिलना चाहिए। संगठन ने केवल लिंग के आधार पर किसी भी योग्य महिला या पुरुष उम्मीदवार के साथ भेदभाव किए जाने पर आपत्ति जताई है।
एसोसिएशन के मुताबिक, आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, सांकेतिक और लोकतांत्रिक तरीके से किया गया। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल की नियमित सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। नर्सिंग स्टाफ ने अपनी व्यावसायिक जिम्मेदारियां निभाते हुए मरीजों को सुरक्षित और निर्बाध देखभाल उपलब्ध कराई।
नर्सेस एसोसिएशन ने एनओआर-सीईटी के तहत नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में मौजूदा सीट आवंटन व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है। संगठन की प्रमुख मांगें हैं:-
भर्ती प्रक्रिया में लैंगिक भेदभाव समाप्त किया जाए।
पात्र महिला और पुरुष उम्मीदवारों को समान अधिकार और अवसर दिए जाएं।
सीट आवंटन की निष्पक्ष, पारदर्शी और तर्कसंगत नीति लागू हो।
मौजूदा 80:20 महिला-पुरुष सीट आवंटन व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
लिंग से परे सभी पात्र उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर उचित अवसर मिले।
एसोसिएशन के अध्यक्ष गजानन गिट्टे ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर संगठन ज्वाइंट वर्किंग कमेटी के साथ लगातार समन्वय में है। उन्होंने कहा कि इसी मांग को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
नर्सिंग समुदाय का कहना है कि भर्ती व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें सभी पात्र उम्मीदवारों को समान अवसर मिले और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा मेरिट को प्राथमिकता दी जाए।