नागपुर शहर और जिला स्तर पर होगा परिवर्तन। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: युवा कांग्रेस में प्रदेश स्तर पर विवाद कायम है। 60 पदाधिकारियों को कार्यमुक्त किए जाने व कुछ पदाधिकारियों को स्थायी तौर पर निलंबित किए जाने के बाद संगठन में असंतोष गहराया है। इस बीच जानकारी मिली है कि प्रदेश कांग्रेस ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है।
दिल्ली में विधानसभा चुनाव में पार्टी नेता व्यस्त हैं। चुनाव के बाद मुंबई में बैठक होगी। उसमें प्रदेश युवा कांग्रेस का विवाद दूर करने का निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे। शहर व जिला स्तर पर भी संगठन का पुनर्गठन होगा।
उल्लेखनीय है कि नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के विरोध में युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था। उसमें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानू चीब सहित प्रदेश प्रभारी व अन्य पदाधिकारी शामिल हुए थे। युवा कांग्रेस की बैठक भी हुई थी। उसके दूसरे दिन ही 60 पदाधिकारियों को कार्यमुक्त किया गया।
इनमें शिवाणी वडेट्टीवार, केतन ठाकरे, अभिषेक धवड, अनुराग भोयर सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। कार्यमुक्त किए गए पदाधिकारियों की ओर से प्रदेश अध्यक्ष कुणाल राऊत का विरोध किया जाने लगा। कहा गया कि राऊत पक्षपात करके अपने स्पर्धी पदाधिकारियों को पदमुक्त करा रहे हैं। वहीं संगठन की ओर से कहा गया कि संगठनात्मक कार्य में योगदान नहीं देने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
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विवाद के बीच नागपुर के 4 पदाधिकारियों को स्थायी तौर पर निलंबित कर दिया गया। इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष तनवीर अहमद, महासचिव अनुराग भोयर, सचिव अक्षय हेटे व जिला ग्रामीण के अध्यक्ष मिथिलेश कन्हेरे का समावेश था। निलंबित किए गए पदाधिकारियों पर आरोप लगा कि उन्होंने संवाद माध्यम के सामने प्रदेश अध्यक्ष के विरोध में बातें कही हैं।
इन पदाधिकारियों ने दिल्ली जाने की तैयारी की। तब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानू चीब व प्रदेश अध्यक्ष कुणाल राऊत से चर्चा की। तय किया गया है कि दिल्ली चुनाव के बाद इस विषय पर सकारात्मक निर्णय किया जाएगा।
प्रदेश युवा कांग्रेस में काफी समय से विवाद चल रहा है। जून 2023 को मुंबई के तिलक भवन में यह विवाद खुलकर सामने आया है। युवा कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास संगठनात्मक बैठक ले रहे थे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बालासाहब थोरात बैठक में शामिल हुए थे।
तब प्रदेश अध्यक्ष कुणाल राऊत के विरोध में कुछ पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। कुर्सियां फेंकी गई थीं। नागपुर में भी युवा कांग्रेस के 2 से 3 गुट में विवाद रहा है। संगठन चुनाव के समय हाथापाई की घटना भी हुई है।