आचार्य प्रशांत ने IIIT नागपुर में युवाओं को दिया आत्मबोध का मंत्र; गीतांजलि के माध्यम से समझाया जीवन का सत्य

Nagpur Acharya Prashant News: आचार्य प्रशांत ने IIIT नागपुर में छात्रों को संबोधित करते हुए आत्म-ज्ञान और सही कर्म को ही सच्ची आध्यात्मिकता बताया और जीवन में तथ्यों के सम्मान पर विशेष जोर दिया।
Acharya Prashant emphasized self-awareness and right action at IIIT Nagpur, using Tagore's Gitanjali to guide students on life, career, and overcoming ego.
आचार्य प्रशांत (सोर्स: नवभारत)
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IIIT Nagpur Events Youth Dialogue News: देशभर के युवाओं के साथ अपने सतत संवाद क्रम को आगे बढ़ाते हुए आचार्य प्रशांत ने 10 अप्रैल को IIIT नागपुर के छात्रों के साथ एक विशेष संवाद सत्र किया। इस सत्र में छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों और फ़ैकल्टी की भी उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। संस्थान का विशाल एम्फीथिएटर विद्यार्थियों और शिक्षकों से खचाखच भरा हुआ था, जो उन्हें सुनने के लिए उत्सुक नजर आए यह उनके विचारों की प्रासंगिकता और प्रभाव का स्पष्ट संकेत था।

सत्र के दौरान छात्रों ने संबंधों, करियर और जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका आचार्य प्रशांत ने गहराई और स्पष्टता के साथ उत्तर दिया। उनके जवाबों से उपस्थित युवाओं को नई दृष्टि और समझ प्राप्त हुई।

इस अवसर पर उन्होंने रबीन्द्रनाथ टैगोर की कृति गीतांजलि की दो कविताओं के माध्यम से जीवन के गूढ़ पहलुओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अधूरापन ही जीवन की अधिकांश समस्याओं की जड़ है। उनके अनुसार, “तथ्यों का सम्मान ही सच्ची स्वतंत्रता की पहचान है,” जबकि ‘एन्लाइटनमेंट’ कई बार अहंकार की एक परिष्कृत कल्पना भर हो सकता है।

आध्यात्मिकता की व्याख्या करते हुए आचार्य प्रशांत इसे निष्क्रियता या त्याग नहीं, बल्कि सही कर्म और सही संबंध के रूप में परिभाषित किया। उन्होंने यह भी कहा कि अहंकार हमें भ्रम में रखता है और हम अक्सर वास्तविकता से बचने की कोशिश करते हैं, इसलिए जीवन में सत्य को सर्वोपरि स्थान देना आवश्यक है।

उन्होंने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ आत्म-ज्ञान के महत्व पर भी विशेष जोर दिया और कहा कि इसी संतुलन से व्यक्ति और समाज का वास्तविक विकास संभव है।

उल्लेखनीय है कि आचार्य प्रशांत इससे पहले देश के 15 IITs, IIMs, IISc सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में हजारों युवाओं के साथ संवाद कर चुके हैं। उनके ये प्रयास  नागपुर युवाओं में आत्मबोध जागृत कर एक जागरूक और बेहतर समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर जारी हैं।

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