

Nagpur Acharya Prashant Student Interaction News: नागपुर, जिसे ‘ऑरेंज सिटी’ के नाम से जाना जाता है, 8 अप्रैल को आचार्य प्रशांत का आगमन उत्साह और श्रद्धा के साथ हुआ। एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए पहले से ही मौजूद थे और पारंपरिक मावड़ टोपी व स्वागत गीतों के साथ उनका अभिनंदन किया गया।
अपने संबोधन में आचार्य प्रशांत ने जीवन को ‘कुरुक्षेत्र’ बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति को सही संघर्ष और दिशा का चयन करना होता है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से कहा कि केवल बाहरी साधनों से नहीं, बल्कि ‘शास्त्र’ यानी सही समझ के माध्यम से ही जीवन के युद्ध जीते जा सकते हैं।
उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता को मानव जीवन का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि यह केवल छात्रों के लिए नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए आवश्यक है। ‘निष्काम कर्म’ के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि गीता प्रेरणा नहीं, बल्कि स्पष्टता प्रदान करती है।
आचार्य प्रशांत ने युवाओं को अपनी मान्यताओं और इच्छाओं पर प्रश्न करने तथा आत्मचिंतन के माध्यम से सही दिशा खोजने का संदेश दिया। उनके तीन दिवसीय नागपुर दौरे के तहत 9 अप्रैल को सार्वजनिक सत्र आयोजित होगा, जबकि 10 और 11 अप्रैल को वे IIIT नागपुर और VNIT नागपुर में विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे। यह दौरा आध्यात्मिक जागरूकता और जीवन के मूल प्रश्नों पर गहन चिंतन को समर्पित है।