वर्धा में एसआईआर के तहत 3.43 लाख मतदाताओं की गहन जांच, 2002 के बाद जुड़े नामों का होगा सत्यापन प्रक्रिया जारी

Wardha Voter List News: वर्धा में 'एसआईआर' के तहत 2002 के बाद जुड़े 3.43 लाख मतदाताओं की जांच होगी। विवाहित महिलाओं को मायके के प्रमाण देने होंगे। बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और मैपिंग करेंगे।
Wardha monitors 3.43 lakh voters under SIR. Intensive verification of post-2002 entries underway. Married women must provide parental records. BLOs to conduct door-to-door surveys.
वर्धा मतदाताओं की जांच (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Wardha Election Commission News: वर्धा जिले में 'एसआईआर' के दौरान 2002 के बाद मतदाता सूची में शामिल हुए 3 लाख 43 हजार 411 मतदाताओं की गहन जांच की जा रही। इन मतदाताओं से अतिरिक्त प्रमाण और दस्तावेज लिए जाएंगे। इनमें युवा मतदाताओं के साथ विवाहित महिलाओं की संख्या अधिक है। जिले में 'एसआईआर' की पूर्वतैयारी चल रही है। इसके माध्यम से 2024 और 2002 की मतदाता सूची में मतदाताओं का मैपिंग किया जा रहा है, यह प्रक्रिया ऑनलाइन पद्धति से हो रही है।

वर्धा  जिले में मतदाताओं के मैपिंग का काम 66.68 प्रतिशत पूरा हो गया है। वास्तविक 'एसआईआर' काम शुरू होने तक बाकी मतदाताओं के मैपिंग का काम भी तेजी से पूरा होने की संभावना है। 'एसआईआर' में 2002 की मतदाता सूची में नाम नहीं होने वाले वर्तमान मतदाताओं की गहन जांच की जाएगी। इस संख्या में जिले में 3.43 लाख मतदाताओं का समावेश हैं। इनमें युवा मतदाताओं के साथ विवाहित महिलाओं की संख्या अधिक है। इस कार्य के लिए जिले में 1,342 बीएलओ, 135 पर्यवेक्षक नियुक्त है। जबकि राजनीतिक पार्टी के बुथ लेवल प्रतिनिधि की नियुक्ति का कार्य इन दिनों शुरू है।

जिले के हर तहसील में कर्मचारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सर्वेक्षण करेंगे। विवाहिता को मायके से जुड़े प्रमाणपत्र देने होंगे विवाहित महिलाओं को मैके (मायका) के प्रमाण देने होंगे। 2002 के बाद जिले की मतदाता सूची में नाम शामिल हुए मतदाताओं में विवाहित महिलाओं की संख्या अधिक है।

इन महिलाओं को प्रमाण देने होंगे। 2002 में मायके का स्थान, माता-पिता के नाम वाली सूचनाओं वाले दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इन दस्तावेजों को इकट्ठा करते समय कठिनाई हो रही है। 2002 के बाद मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं के अन्य पारिवारिक संबंधों के अनुसार उनके माता-पिता का नाम और पता भी जांचा जाएगा। इसके लिए आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र आदि दस्तावेजों की जांच की जाएगी। तहसील कार्यालय में 2002 की मतदाता सूची का रिकार्ड मिलेगा।

'एसआईआर' क्या है?

'एसआईआर (स्पेशल इन्टेनसीव रिवीजन) का मतलब है मतदाता सूचियों का गहन पुनरीक्षण, आयोग ने पहले चरण में बिहार राज्य में 'एसआईआर' कार्यक्रम चलाया था। राज्य में भी 1 अप्रैल से यह शुरू होने वाला था, लेकिन यह थोड़ी देर से शुरू हुआ। हालांकि इसकी पूर्वतैयारी चल रही है।

विधानसभा क्षेत्र कुल मतदाता मैपिंग प्रतिशत
आर्वी 2,69,638 1,96,117 72.73%
देवली 2,82,118 1,86,550 66.12%
हिंगनघाट 3,04,147 1,99,744 65.67%
वर्धा 3,03,193 1,90,504 62.83%
कुल 11,59,096 7,72,915 66.68%
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