चरित्र निर्माण ही मजबूत नेतृत्व की नींव: उपराष्ट्रपति; 29वें भारतीय युवा संसद सम्मेलन का नागपुर में शुभारंभ

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने नागपुर में भारतीय युवा संसद सम्मेलन का उद्घाटन किया, युवाओं के चरित्र निर्माण पर जोर दिया।
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Youth Parliament Nagpur News: नागपुर भारतीय युवा संसद परिषद केवल चर्चा का मंच नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण का प्रभावी माध्यम है। इस मंच के जरिए युवाओं के विचारों को दिशा मिलती है और उनके व्यक्तित्व का विकास होता है। चरित्र निर्माण ही मजबूत नेतृत्व की नींव है यदि जीवन में चरित्र है, तो नेतृत्व स्वतः प्रभावी बनता है। यह विचार उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने व्यक्त किए।

रेशमबाग स्थित महर्षि व्यास सभागृह में 29वें भारतीय युवा संसद सम्मेलन का उद्घाटन उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के हाथों हुआ। इस अवसर पर पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी और परिषद के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष जोशी उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि किसी भी देश की क्षमता उसकी युवा आबादी पर निर्भर करती है। भारत के पास यह एक बड़ी ताकत है, जहां लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं की शिक्षा, कौशल और नेतृत्व विकास के लिए कई पहलें की जा रही हैं। युवाओं से उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

युवा पीढ़ी देश की सबसे बड़ी शक्ति

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी देश की सबसे बड़ी ताकत है। यह ऊर्जावान और गतिशील वर्ग राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान भी जरूरी है।

उन्होंने विविधता में एकता को भारत की सबसे बड़ी विशेषता बताते हुए कहा कि भाषा, धर्म, जाति और पंथ भिन्न होने के बावजूद देश एकजुट है। इतिहास में कई चुनौतियां आईं, लेकिन एकता के बल पर देश ने हर संकट का सामना किया।

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