नागपुर न्यूज
RTMNU Mismanagement News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में छात्रों की शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याओं के विरोध में मोर्चा निकाला गया। मोर्चे में कार्यकर्ताओं ने विवि की कार्यप्रणाली पर सवाल दागे। वहीं विवि परिसर में आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच बहस भी हुई। आंदोलन का नेतृत्व विदर्भ प्रदेश मंत्री पायल किनाके ने किया।
इस बीच प्रतिनिधियों ने उपकुलपति की अनुपस्थिति में कुलसचिव को 36 मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। रवि नगर मैदान से शुरू हुआ मोर्चा विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार तक पहुंचा। संगठन द्वारा प्रवेश, परीक्षा, परिणाम, पाठ्यक्रम, भर्ती, छात्रवृत्ति, छात्रावास, एनईपी कार्यान्वयन और छात्रसंघ चुनाव जैसे प्रमुख मुद्दों पर विवि प्रशासन के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई।
एबीवीपी द्वारा प्रस्तुत मांगों में प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता, शैक्षणिक कैलेंडर का कड़ाई से पालन, छात्रसंघ चुनाव शीघ्र कराना, 45 दिनों के भीतर परीक्षा परिणाम घोषित करना, पुनर्मूल्यांकन में त्रुटियों के विरुद्ध कार्रवाई, छात्रावासों में सुविधाओं में सुधार, पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण, स्थानीय भाषाओं में पाठ्यक्रम शुरू करना और विश्वविद्यालय परिसर में सीसीटीवी लगाना शामिल हैं।
एबीवीपी ने प्रवेश प्रक्रिया में एजेंटों और दलालों के हस्तक्षेप को रोकने के लिए ठोस उपाय करने की भी मांग की। भंडारा, गोंदिया, वर्धा, नागपुर महानगर और नागपुर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र बड़ी संख्या में मोर्चे में शामिल हुए। महानगर मंत्री वीरेंद्र पौनीकर ने संचालन किया। इस अवसर पर अनिकेत दादंडे, शिवम काले, मोसम पटले, दीपांशु गौर, प्रणाली गोमासे, प्रणित सदाफले आदि उपस्थित थे।
1. शैक्षणिक कैलेंडर तय किया जाए और उसका कड़ाई से पालन हो।
2. प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी हो। एजेंटों और दलालों का हस्तक्षेप बंद किया जाए।
3. छात्रसंघ चुनाव तुरंत शुरू कराया जाए।
4. परिणाम 45 दिनों के भीतर घोषित किए जाए और पुनर्मूल्यांकन में हुईं त्रुटियों को सुधारा जाए।
5. परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं जैसे पानी, स्वच्छता, जेरॉक्स, साहित्य उपलब्ध कराए जाएं।
6. एनईपी पाठ्यक्रम में समस्याओं के समाधान के लिए एक समिति बनाई जाए, जिसमें छात्र प्रतिनिधि शामिल हों।
8. छात्रावासों में सुविधाओं में सुधार किया जाए, वाई-फ़ाई और पानी की व्यवस्था की जाए।
9. छात्रों की सुरक्षा के लिए विश्वविद्यालय परिसर में सीसीटीवी लगाया जाए।
10. पुस्तकालयों का निरीक्षण किया जाए और आवश्यक अद्यतन पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं।
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विश्वविद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्था के खिलाफ छात्रों ने आक्रामक रुख अपनाया। जब छात्रों और कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी की मांगों पर जवाब मांगने के लिए मुख्य द्वार से विवि में प्रवेश करने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प हुई। नारेबाजी से पूरा इलाका गूंज उठा।
उपकुलपति की अनुपस्थिति में कुलसचिव डॉ. राजू हिवसे ने ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की लंबित मांगें जल्द ही उपकुलपति के समक्ष रखी जाएंगी। साथ ही सरकार की मांगों पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी और सरकार के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
विवि में शिक्षा की गुणवत्ता गिर रही है। प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। छात्रों को विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। वर्तमान में 649 प्राध्यापकों और 449 कर्मचारियों के पद रिक्त हैं। फिर भी कोई भर्ती नहीं हुई। यह स्थिति छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत चिंताजनक है।
– पायल किनाके, प्रांत मंत्री, अभाविप