अवैध कब्जे की शिकार हुई सड़कें, शहर के मुख्य बाजारों में पार्किंग की समस्या बरकरार
- Written By: नवभारत डेस्क
नागपुर. शहर की सड़कें अवैध कब्जे की शिकार हो गई हैं. अव्यवस्था का आलम ऐसा है कि जिसको भी जहां जगह मिलती है वो अपनी गाड़ी पार्किंग कर चलता बनता है. ये गाड़ियां सड़क के दोनों ओर लगाई जाने से सड़क संकरी हो जाती है. जिससे यातायात प्रभावित होता है. कई बार तो दुर्घटनाएं भी होती हैं. स्थानीय दुकानदारों की मानें तो इस मसले पर संबंधित विभाग कोई सख्त एक्शन नहीं लेता, जिसके कारण अव्यवस्था का यह आलम अब स्थाई बन गया है.
शहर के गांधी बाग इलाके के साथ सीताबर्डी, कॉटन मार्केट, नंगा पुतला कई ऐसे इलाके हैं जहां कुछ लोगों द्वारा सड़क के दोनों तरफ अवैध पार्किंग स्थल बना लिए गए हैं. ये लोगों से गाड़ियां खड़ा करने के एवज में पैसे तक लेते हैं. ये लोग मनपा में पैसे जमा करने का दावा भी करते हैं लेकिन सच्चाई का किसी को पता नहीं.
लोग झंझट से बचने के लिए पार्किंग के पैसे भी देते है. जो नहीं देते बहस करते हैं उनकी गाड़ियों काे संबंधित जगहों पर पार्क नहीं होने दिया जाता है. ये लोग भी अपनी गाड़ियों को जहां जगह मिलती है वहीं लगा देते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार कई सालों से यह समस्या चली आ रही है लेकिन इसका स्थाई समाधान किसी के पास नहीं है.
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कार्रवाई का असर नहीं
सड़कों के दोनों ओर होने वाले इस अतिक्रमण को हटाने के लिए यातायात पुलिस कार्रवाई तो करती है लेकिन इसके बाद भी यहां उसका असर दिखांई नहीं देता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर प्रशासन को वाहनों की संख्या के हिसाब से मल्टी पार्किंग स्थलों का निर्माण करना चाहिए. जिससे उसकी आमदनी बढेगी साथ ही सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त किया जा सकेगा. कई लोगों को इससे रोजगार मिल सकेगा. सूत्रों की मानें तो मनपा प्रबंधन पार्किंग के मामले में प्लानिंग तो कर रहा है लेकिन चुनाव होने तक इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है.
