पंढरपुर यात्रा में करंट से 2 भक्तों की मौत, आज नागपुर लाए जायेंगे शव
Pandharpur Yatra: नागपुर से पंढरपुर की यात्रा पर संत ज्ञानेश्वर माउली की दिंडी में गए दो भक्तों की यात्रा में करंट लगने से मौत हो गई। दोनों के शव को आज नागपुर लाया जाएगा।
- Written By: सोनाली चावरे
पंढरपुर यात्रा में हादसा
नागपुर: पंढरपुर की यात्रा पर संत ज्ञानेश्वर माउली की दिंडी में गए 2 भक्तों की यात्रा में करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना की खबर मिलते ही नागपुर के विट्ठल भक्तों में दु:ख की लहर है। बरड पुलिस थाने में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव सोमवार को नागपुर लाये जायेंगे।
संत ज्ञानेश्वर माउली की दिंडी में नागपुर के 2 भक्त दिंडी में गये थे। उनका नाम मधुकर तुकाराम शेंडे (56) एवं उनका साथी अक्षय (35) है। राजाबाक्षा वसंतनगर के वसंत कोल्हे ने इस संबंध में बताया कि मधुकर शेंडे (56) राजाबाक्षा निवासी वासुदेव टापरे के साथ दिंडी में भक्तों की व्यवस्था करने पंढरपुर यात्रा में शामिल हुए थे। संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी में फलटन से बरड जा रहे थे। भक्तों के पंडाल में लाइट आदि की व्यवस्था के लिए टापरे ने शेंडे और अक्षय को आगे भेजा था। लेकिन लाइट की व्यवस्था करते समय शेंडे और अक्षय को करंट लग गया।
यह घटना रविवार को दोपहर 3.30 बजे के करीब बरड तहसील में हुई। दोनों घायलो को तत्काल बरड के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, वहां डाक्टर ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। बरड पुलिस थाने में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव सोमवार को नागपुर लाये जायेंगे।
सम्बंधित ख़बरें
NEET Paper Leak: आधी रात को कोर्ट में पेश हुई मनीषा हवालदार; मुंहजुबानी याद थे प्रश्न, जानें CBI को क्या मिला?
डिजिटल गिरफ्तारी और फर्जी ट्रेडिंग ऐप गिरोह पर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पीड़ितों को लौटाए 26.97 लाख रुपये
जनभागीदारी अभियान का उत्साहपूर्ण आगाज, सरकारी योजनाएं पहुंचीं आदिवासी गांवों के द्वार
छत्रपति संभाजीनगर: नालों पर निर्माण करने वालों की खैर नहीं, लगेगा अतिरिक्त टैक्स; कमिश्नर ने दिए निर्देश
दिंडी संचालक ने नहीं दिया कोई जवाब
इस बारे में नागपुर के हरी भक्त पारायण पंढरपुर दिंडी चालक टेकेश्वर महाराज तिवस्कर को बार-बार फोन लगाने के बाद भी उनकी ओर से कोई भी प्रतिसाद नहीं दिया गया। इस संबंध में आगे दिंडी संचालक की क्या भूमिका है इसकी अभी जानकारी नहीं मिल पायी हैं। यह घटना कैसे हुई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी अभी जांच होना हैं।
भक्तों ने उठाए सवाल
एक भक्त ने बताया कि जब दिंडी के मुखिया भक्तों से वारी करने पेसे लेते है तो इलेक्ट्रिक व बाकी की व्यवस्था भक्तों से क्यों करवायी जाती है, इसके लिए किसी जानकार को क्यों नहीं रखा जाता है।
