ड्यूटी कर रहे RTO इंस्पेक्टर को सरेआम दी गालियां, गाड़ी छोड़ने के लिए फर्जी केस में फंसाने की धमकी
Nagpur Crime News: नागपुर में आरटीओ इंस्पेक्टर अंशुल मार्डीव को ओवरलोड वाहन पर कार्रवाई करने के कारण नरेन्द्र शर्मा द्वारा गाली गलौज और फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी गई।
- Written By: गोरक्ष पोफली
RTO इंस्पेक्टर से बदतमीज़ी की प्रतीकात्मक फोटो (एआई फोटो)
Nagpur RTO Inspector Threatened: महाराष्ट्र के परिवहन विभाग में ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को डराने-धमकाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। नागपुर के सीताबर्डी थाना क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने वाले एक आरटीओ इंस्पेक्टर को न केवल सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, बल्कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरी घटना?
शिकायतकर्ता आरटीओ इंस्पेक्टर अंशुल अजय मार्डीव (36) अपनी सहयोगी असिस्टेंट आरटीओ इंस्पेक्टर समिपा चिकाटे के साथ जबलपुर हाईवे पर ड्यूटी पर तैनात थे। दोपहर करीब 2 बजे जब वे अपनी ड्यूटी पूरी कर गिरीपेठ स्थित आरटीओ कार्यालय में लंच के लिए पहुँचे, तो वहां पहले से ही आरोपी नरेन्द्र शर्मा और उसका बेटा यश शर्मा उनका इंतजार कर रहे थे।
सरेआम गाली गलौज और हंगामा
जैसे ही इंस्पेक्टर मार्डीव कार्यालय पहुँचे, आरोपी नरेन्द्र शर्मा ने उनके काम पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आरोपी ने चिल्लाते हुए कहा, तुम्हें शर्म नहीं आती कि वाहनों पर कार्रवाई कर रहे हो? इसके बाद उसने बेहद अभद्र और गंदी गालियों का प्रयोग करते हुए अधिकारियों को अपमानित किया और वहां से निकल गया।
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फोन पर दी फर्जी केस की धमकी
हंगामा यहीं शांत नहीं हुआ। घटना के एक घंटे बाद इंस्पेक्टर मार्डीव के मोबाइल पर कॉल आने शुरू हुए, यश शर्मा (नरेन्द्र का बेटा) ने फोन कर जब्त किए गए ओवरलोड वाहन (UP-70/BT-8811) को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के तुरंत छोड़ने की धमकी दी। इसके तुरंत बाद खुद नरेन्द्र शर्मा ने फोन किया और इंस्पेक्टर को चेतावनी दी कि यदि गाड़ी नहीं छोड़ी गई, तो उन्हें रिश्वतखोरी या किसी अन्य झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा।
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परिवहन विभाग में वसूली सिंडिकेट का खौफ
यह घटना आरटीओ के उन अधिकारियों के बीच व्याप्त डर को पुख्ता करती है जो अवैध ओवरलोडिंग के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं। बताया जा रहा है कि शहर में एक सक्रिय सिंडिकेट काम कर रहा है, जो नियम तोड़ने वाले वाहनों को बचाने के लिए सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाता है और बात न मानने पर उन्हें भ्रष्टाचार के झूठे आरोपों में फंसाने की साजिश रचता है।
इंस्पेक्टर अंशुल मार्डीव की शिकायत पर सीताबर्डी पुलिस ने आरोपी नरेन्द्र शर्मा और यश शर्मा के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली गलौज करने और धमकी देने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस उन मोबाइल नंबरों की भी जांच कर रही है जिनसे कॉल किए गए थे।
