नागपुर महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Municipal Corporation Budget 2026: नागपुर महानगरपालिका में प्रशासक राज के 4 वर्ष बीतने के बाद अब पहली बार मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी की ओर से 17 मार्च तक स्थायी समिति को बजट पेश किया जाएगा, जिसके लिए बजट पर तमाम विभागों के साथ बैठकों का दौर खत्म हो गया है। यहां तक कि प्रत्येक विभाग की ओर से खर्च और अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवश्यक निधि की मांग का ब्योरा भी सौंपा गया है। अब प्रशासन की ओर से बजट की तैयारियों का अंतिम चरण जारी है।
उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 का वर्ष चुनावी वर्ष होने का कारण देते हुए कई विभागों ने बजट में दिए गए लक्ष्य तक पहुंचने में मुश्किल होने का हवाला दिया। यहां तक कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में सर्वाधिक 500 करोड़ के आय के लक्ष्य वाले नगर रचना विभाग की ओर से भी अब तक 60 प्रतिशत तक ही आय पहुंच सकी है।
नागपुर मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 5,438.61 करोड़ का बजट पेश किया था जिसमें नगर रचना के बाद सम्पत्ति कर विभाग, जलप्रदाय विभाग आदि से बड़ी आय होने का अनुमान लगाया था किंतु अनुमान के अनुसार आय का लक्ष्य काफी पीछे छूट गया है। भले ही इस वित्तीय वर्ष में आय घटी हो, इसके बावजूद राज्य सरकार से मिलने वाली वित्तीय मदद और कर्ज के भरोसे प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5,875 करोड़ से अधिक की आय होने का अनुमान लगाया है।
बताया जाता है कि इस वित्तीय वर्ष में विशेष रूप से नाग नदी और पोहरा नदी प्रकल्प को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। नाग नदी के लिए 200 करोड़ के बॉन्ड जारी किए जाएंगे, जबकि पोहरा नदी के लिए इसी वित्तीय वर्ष में 400 करोड़ का कर्ज लिया जाएगा।
बताया जाता है कि राज्य सरकार की ओर से नागपुर महानगरपालिका को विशेष नागरी सुविधा के तहत 300 करोड़ का आवंटन किया जाना है। हालांकि अब तक निधि का आवंटन तो नहीं किया गया किंतु वित्त विभाग भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास आने से अब इसी वित्तीय वर्ष में 300 करोड़ रुपए प्राप्त होने की आशा जताई जा रही है। जिसे बजट का हिस्सा बनाया जाएगा।
मनपा आयुक्त की ओर से बजट में सम्पत्ति कर के माध्यम से 350 करोड़ की आय होने की आशा जताई थी जिसके लिए कई तरह की योजनाएं भी चलाई गईं। इसके बावजूद सम्पत्ति कर विभाग की ओर से केवल 250 करोड़ तक ही पहुंचाया जा सका है। इसी तरह से आयुक्त ने अग्निशमन विभाग से 25 करोड़ की आय होने का अनुमान लगाया था किंतु अग्निशमन विभाग से अबतक केवल 13 करोड़ की आय हो पाई है। पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग भी 250 करोड़ का लक्ष्य पाने में फिसड्डी साबित हुआ है।
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उल्लेखनीय है कि मनपा चुनावों के बाद प्रशासक राज खत्म हो गया है। अब स्थायी समिति के पास नागपुर मनपा तिजोरी की चाबी होगी। भले ही आयुक्त प्रशासकीय बजट पेश करें किंतु इसमें संशोधन कर स्थायी समिति की ओर से बजट पेश किया जाएगा। चूंकि मनपा की पहले ही आय घटी है और आय के सीमित स्रोत है। ऐसे में घटती आय, बढ़ते बोझ और नई योजनाओं के लिए निधि का जुगाड़ कैसे किया जाए, इसे लेकर नई सभापति शिवानी दाणी के सामने कई चुनौतियां हैं।