नागपुर में ऊंची इमारतों में फायर सेफ्टी जांच, सुरक्षा में चूक नहीं चलेगी; मनपा का सख्त निर्देश
Nagpur Fire Safety Check: नागपुर में बढ़ती आग की घटनाओं के बीच मनपा ने रेस्टोरेंट और बार की फायर सेफ्टी जांच के निर्देश दिए, नियमों का पालन न होने पर लाइसेंस रद्द होंगे।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर फायर सेफ्टी,(प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Fire Department Inspection: नागपुर शहर में गर्मियों के मौसम में आग लगने की बढ़तों घटनाओं और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नागपुर महानगर पालिका ने सख्त कदम उठाए हैं। मनपा के अग्निशमन विभाग ने 15 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों में चल रहे मंगल कार्यालयों, रेस्टोरेंट और बार में अग्नि सुरक्षा प्रणालियों की जांच के निर्देश दिए हैं।
सत्ता पक्ष के नेता बाल्या बोरकर ने अग्निशमन विभाग को निर्देश दिया है कि वे संबंधित विभागों और राज्य उत्पादन शुल्क विभाग को पत्र लिखकर शहर के रेस्टोरेंट और बार में अग्नि सुरक्षा की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत को जानी चाहिए, जिन रेस्टोरेंट और बार में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं पायी जाएगी, उनके लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
व्यापक नीति बनाने का सुझाव
बैठक में शहर की इमारतों में अग्नि सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अग्निशमन विभाग, नगर रचना विभाग और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर एक व्यापक नीति (पॉलिसी) तैयार करने का सुझाव दिया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी तुषार बाराहाते ने आश्वस्त किया कि विभाग किसी भी प्राकृतिक आपदा या आग से निपटने के लिए पूरी तरह से उपकरणों और यंत्र सामग्री से लैस है। बढ़ते तापमान के मद्देनजर बोरकर ने अग्निशमन केंद्र के सभी जवानों और अधिकारियों से किसी भी आग की घटना को तुरंत नियंत्रण में लाने के लिए 24 घंटे सतर्क और मुस्तैद रहने की अपील की।
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बैठक में लिए गए अहम फैसले
मंगलवार को अग्निशमन और विद्युत विशेष समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रूपाली ठाकुर, सत्ता पक्ष नेता नरेंद्र बोरकर, लखन येरवार, चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपक सेलोकर, नगर रचना विभाग के सहायक संचालक ऋतुराज जाधव और मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुधार बाराहते सहित अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद थे, नगर रचना विभाग के सहायक संचालक ऋतुराज जाधव ने बैठक में स्पष्ट किया कि 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारतों को अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।
इनस पर बोरकर ने निर्देश दिया कि ऐसी इमारतों के मालिकों को बेवजह नोटिस न भेजे जाएं। हालांकि, किसी की शिकायत मिलने पर अग्निशमन अधिकारियों को नोटिस जारी करने से पहले मामले की पूरी जांच करनी होगी, यदि जांच में वास्तव में आग लगने का खतरा पाया जाता है, तभी इमारत के मालिक को नोटिस जारी किया जाना बाहिए।
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स्कूल, कोचिंग और अस्पतालों के लिए NOC अनिवार्य
सभापति स्पाली ठाकुर ने कड़े शब्दों में कहा कि स्कूलों, कोचिंग क्लासेस, अस्पतालों, मंगल कार्यालयों, बार और रेस्टोरेंट के संचालकों के लिए अग्निशमन विभाग का एनओसी अनिवार्य है।
- इन स्थानों पर बड़ी संख्या में बच्चे और लोग मौजूद रहते हैं, इसलिए किसी भी खतरे की स्थिति में भारी जानमाल का नुकसान हो सकता है।
- इन संस्थानों की फिर से जांच करने और वहां अग्निशमन यंत्रणा अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
- बैठक में जानकारी दी गई कि शहर में मनपा के स्वास्थ्य विभाग के पास लगभग 650 अस्पताल पंजीकृत हैं।
- नए अस्पतालों को तभी मान्यता दी जाती है जब वे अग्निशमन एनओसी की शर्ते पूरी करते हैं।
