

बांद्रा पूर्व में रेलवे ने 94 झुग्गियां हटाकर जमीन खाली कराई।
पात्र परिवारों को म्हाडा नहीं, एमएमआरडीए ने स्थायी मकान दिए।
खाली जमीन पर आठवां प्लेटफॉर्म और यात्री सुविधाएं विकसित होंगी।
Bandra East Slum Demolition: बांद्रा पूर्व स्थित गरीबनगर इलाके में रेलवे की जमीन पर बनी बची हुई 94 झुग्गियों को पश्चिम रेलवे ने शुक्रवार को हटाने की कार्रवाई की। दोपहर तक सभी निर्माण तोड़ दिए गए। इन झुग्गियों को अब तक इसलिए नहीं हटाया गया था, क्योंकि यहां रहने वाले पात्र परिवारों का पुनर्वास बाकी था।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने सभी पात्र परिवारों को वैकल्पिक स्थायी मकान उपलब्ध कराकर उनका कब्जा भी सौंप दिया है। पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे ने जमीन खाली करा ली। इससे बांद्रा टर्मिनस के पूर्वी हिस्से में रेल सुविधाओं के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है।
मुंबई उच्च न्यायालय के 23 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुसार रेलवे ने यह कार्रवाई की। न्यायालय ने पात्र प्रभावित परिवारों को एक सप्ताह के भीतर जगह खाली करने का निर्देश दिया था। इसके बाद रेलवे प्रशासन को 48 घंटे के भीतर संबंधित निर्माण हटाने को कहा गया था।
इससे पहले मई 2026 में पश्चिम रेलवे ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। हालांकि, पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण 94 निर्माणों को उस समय नहीं हटाया गया था।
जमीन खाली होने के बाद बांद्रा टर्मिनस के पूर्वी हिस्से में आठवें प्लेटफॉर्म के निर्माण का रास्ता खुल गया है। इसके साथ ही ट्रेनों को खड़ा करने के लिए अतिरिक्त जगह विकसित की जाएगी। ट्रेनों की मरम्मत और रखरखाव से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। कुछ मौजूदा सुविधाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित कर उनके लिए अधिक जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
टर्मिनस पर यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए अलग से जगह, प्रतीक्षा क्षेत्र और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। ट्रेनों को खड़ा करने और उनकी मरम्मत की क्षमता बढ़ने से रेल परिचालन भी अधिक सुचारू हो सकेगा।
पश्चिम रेलवे की योजना बांद्रा टर्मिनस को उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए एकीकृत रेल परिसर के रूप में विकसित करने की है। खाली कराई गई जमीन पर बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे। इससे भविष्य में अधिक यात्रियों को संभालने और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।