

Maharashtra Voter List Revision Update: महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान ने राज्य में तेजी पकड़ ली है। राज्य के कुल 9.79 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 84 प्रतिशत यानी करीब 8.22 करोड़ मतदाताओं तक गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) सफलतापूर्वक पहुंचा दिए गए हैं।
हालांकि, एक तरफ जहां ग्रामीण और छोटे जिलों ने आंकड़े जुटाने और उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, वहीं मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख महानगरों की रफ्तार काफी चिंताजनक बनी हुई है।
महराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी दैनिक बुलेटिन के मुताबिक, महाराष्ट्र में कुल 9.79 करोड़ मतदाता हैं। इनमें से 8.22 करोड़ मतदाताओं को मतदाता-विशिष्ट गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। यह कुल मतदाताओं का 84 प्रतिशत है। वहीं, अब तक 5.01 करोड़ प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है, जो कुल मतदाताओं का 51.18 प्रतिशत है।
बता दें कि एसआईआर की गणना प्रक्रिया 30 जून से शुरू हुई है, जो 8 अगस्त तक चलेगी। इस अभियान को पूरा करने के लिए राज्यभर में 1 लाख 253 बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) की नियुक्ति की गई है।
निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला पहलू बड़े शहरों का धीमा प्रदर्शन है। मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, ठाणे और पुणे जैसे घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में प्रपत्र वितरण और डिजिटलीकरण दोनों ही मामलों में सुस्ती देखी गई है।
SIR अभियान में एक तरफ जहां महानगर पीछे छूट रहे हैं, वहीं राज्य के अन्य जिलों ने मिसाल कायम की है। प्रपत्र वितरण के मामले में जलगांव 99.82%, अमरावती 99.55%, बुलढाणा 99.65% और अहिल्यानगर 98.67% सबसे आगे रहे हैं। वहीं, अगर प्राप्त डाटा को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड (डिजिटलीकरण) करने की बात करें, तो तटीय जिले रत्नागिरी ने बाजी मारी है, जहां 80.95% काम पूरा हो चुका है।
प्रपत्र वितरण के मामले में अहिल्यानगर ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 98.67 प्रतिशत प्रगति हासिल की है। वहीं, जलगांव में 99.82 प्रतिशत, अमरावती में 99.55 प्रतिशत और बुलढाणा में 99.65 प्रतिशत प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। डिजिटलीकरण के मामले में रत्नागिरी जिला सबसे आगे है, जहां 80.95 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। इसके बाद यवतमाल 80.60 प्रतिशत, चंद्रपुर 75.66 प्रतिशत, परभणी 74.83 प्रतिशत, बुलढाणा 74.33 प्रतिशत और गड़चिरोली 73.07 प्रतिशत का स्थान है।
| जिला | प्रपत्र वितरण प्रतिशत | डिजिटलीकरण प्रतिशत |
|---|---|---|
| जलगांव | 99.82% | — |
| बुलढाणा | 99.65% | 74.33% |
| अमरावती | 99.55% | — |
| अहिल्यानगर | 98.67% | — |
| पुणे | 65.26% | 34.22% |
| मुंबई शहर | 63.15% | 27.67% |
| मुंबई उपनगर | 59.12% | 17.39% |
| ठाणे | 58.35% | 18.22% |
| रैंक | जिला | डिजिटलीकरण प्रतिशत |
|---|---|---|
| 1 | रत्नागिरी | 80.95% |
| 2 | यवतमाल | 80.60% |
| 3 | चंद्रपुर | 75.66% |
| 4 | परभणी | 74.83% |
| 5 | बुलढाणा | 74.33% |
| 6 | गड़चिरोली | 73.07% |
| रैंक | जिला | डिजिटलीकरण प्रतिशत |
|---|---|---|
| 1 | मुंबई उपनगर | 17.39% |
| 2 | ठाणे | 18.22% |
| 3 | मुंबई शहर | 27.67% |
| 4 | पालघर | 29.64% |
| 5 | पुणे | 34.22% |
महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने SIR प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ की तैनाती की है। ये अधिकारी मतदाता गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रह और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं।