

Nagpur Voter Registration Campaign: प्रत्येक मतदाता के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत पंजीयन कराना आवश्यक होने के बावजूद नागपुर जिले में अब भी 30,41,057 मतदाता पंजीकरण से वंचित हैं। जिले के कुल 46,38,589 मतदाताओं में से अब तक 15,97,532 मतदाताओं का पंजीयन ही पूरा हो चुका है।
प्रशासन का दावा है कि 70 प्रतिशत मतदाताओं तक आवेदन पत्र पहुंचा दिए गए हैं तथा 163 मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। राज्य में 20 जून एसआईआर अभियान शुरू किया गया।
बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करने और उन्हें भरवाने का कार्य कर रहे हैं। पहले इसकी अंतिम तिथि 30 जुलाई निर्धारित थी लेकिन बाद में इसमें 10 दिन की वृद्धि कर 8 अगस्त तक कर दी गई। 24 वर्षों के बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई है।
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के महत्व को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया। इसके बावजूद मतदाताओं में इस अभियान को लेकर अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। कई मतदाता बीएलओ को घर पर नहीं मिल रहे हैं।
3 बार घर जाने के बाद भी मतदाता नहीं मिलने पर जिन मतदान केंद्रों पर उन्होंने मतदान किया था, वहां 18 से 21 जुलाई तक विशेष शिविर लगाए गए। इन शिविरों में बीएलओ आवेदन भरवाने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उपस्थित रहे। इसके बावजूद लोगों की उदासीनता बनी हुई है। जिले में कुल 4,610 मतदान केंद्र हैं।
इन सभी केंद्रों पर बीएलओ बैठकर मतदाताओं के आवेदन भरवा रहे हैं। अधिकांश केंद्रों पर अपेक्षित संख्या में मतदाता नहीं पहुंच रहे हैं जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि 46 लाख से अधिक मतदाताओं वाले नागपुर जिले में अंतिम मतदाता संख्या प्रभावित हो सकती है।
मतदाताओं के घर-घर पहुंचने के बावजूद प्रशासन को इस अभियान में अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है, इसलिए अधिक व्यापक रणनीति अपनाने की आवश्यकता है। शिविरों की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए तथा जनजागरूकता के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग और सूचना फलक लगाकर मतदाताओं से पंजीकरण कराने की अपील की जानी चाहिए। साथ ही मतदाताओं को भी अपने लोकतांत्रिक अधिकार के प्रति जागरूक होकर एसआईआर की गंभीरता को समझना होगा।
केवल प्रशासन ही नहीं बल्कि सभी राजनीतिक दलों की भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रत्येक दल ने अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए हैं। उन्हें अपने क्षेत्र के मतदाताओं को पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करना चाहिए तथा उन्हें इसकी आवश्यकता और महत्व समझाकर सहयोग करना चाहिए।
यदि संभव हो तो प्रशासन के सहयोग से वार्डों और बस्तियों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। मंदिरों, बुद्ध विहारों, सार्वजनिक पुस्तकालयों तथा समाज भवनों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी पंजीकरण की व्यवस्था की जानी चाहिए।
| विधानसभा क्षेत्र | 100% कार्य पूर्ण करने वाले मतदान केंद्र |
|---|---|
| कामठी | 69 |
| रामटेक | 44 |
| काटोल | 21 |
| उमरेड | 16 |
| सावनेर | 7 |
| हिंगना | 4 |
| नागपुर दक्षिण-पश्चिम | 1 |
| नागपुर पूर्व | 1 |
| कुल | 163 |