पूर्व महापौर विशाखा राऊत की मुश्किलें बढ़ीं, OBC प्रमाणपत्र अमान्य; दादर से BMC चुनाव पर संकट

Mumbai OBC Certificate: शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व महापौर विशाखा राऊत का चुनाव रद्द होना तय माना जा रहा है। पालघर जाति प्रमाणपत्र जांच समिति ने उनके ओबीसी प्रमाणपत्र को अमान्य कर दिया है।
Trouble mounts for former Mayor Vishakha Raut; OBC certificate declared invalid
विशाखा राऊत सोर्स- सोशल मीडिया
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Vishakha Raut OBC Certificate Invalid: शिवसेना (यूबीटी) की नगरसेविका और पूर्व महापौर विशाखा राऊत की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ गई हैं। पालघर जाति प्रमाणपत्र जांच समिति ने बीएमसी चुनाव लड़ते समय उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए ओबीसी प्रमाणपत्र को अमान्य कर दिया है। इस फैसले के बाद दादर के वार्ड क्रमांक 191 से उनका चुनाव प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है।

OBC आरक्षित सीट से लड़ा था चुनाव

विशाखा राऊत ने दादर के वार्ड क्रमांक 191 से शिवसेना (यूबीटी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। यह वार्ड ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित था। आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने की पात्रता साबित करने के लिए राऊत ने चुनाव के दौरान ओबीसी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था।

जाति प्रमाणपत्र जांच समिति द्वारा प्रमाणपत्र अमान्य किए जाने के बाद अब उनके नगरसेविका पद को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उनके चुनाव को रद्द किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

महज 197 वोट से दर्ज की थी जीत

दादर-शिवाजी पार्क जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र से विशाखा राऊत ने अपनी पार्टी के लिए सीट बरकरार रखी थी। उन्होंने पूर्व विधायक सदा सरवणकर की बेटी प्रिया सरवणकर को बेहद करीबी मुकाबले में हराया था। राऊत को कुल 13,236 वोट मिले थे, जबकि प्रिया सरवणकर को 13,039 वोट प्राप्त हुए थे। इस तरह राऊत ने महज 197 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। यह मुकाबला बीएमसी चुनाव के सबसे कड़े मुकाबलों में शामिल रहा था।

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अब चुनावी जीत पर उठे सवाल

OBC प्रमाणपत्र अमान्य होने के बाद विशाखा राऊत की चुनावी पात्रता पर सवाल खड़े हो गए हैं। चूंकि वार्ड 191 OBC महिलाओं के लिए आरक्षित था, इसलिए प्रमाणपत्र का वैध होना चुनाव लड़ने की पात्रता के लिए महत्वपूर्ण था।

अब समिति के फैसले के बाद उनके चुनाव और नगरसेविका पद को लेकर आगे की कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

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