

Mumbai BMC Birth Certificate: मुंबई में बर्थ सर्टिफिकेट यानी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का काम आसान नहीं माना जाता है। इसके लिए बीएमसी कार्यालय के चक्कर काटने होते हैं। हाल ही में भाजपा नेता किरीट सोमैया ने दावा किया था कि 87 हजार से अधिक जन्म प्रमाणपत्र बांग्लादेशियों का बनाया गया है और इसमें बीएमसी स्वास्थ्य अधिकारी की भी मिलीभगत है। इसके बाद बीएमसी प्रशासन ने जांच शुरू की, पर कई लाख बर्थ सर्टिफिकेट, मृत्यु प्रमाणपत्र व विवाह प्रमाणपत्र की मंजूरी मिलने में देरी होने लगी। कई लोगों ने कहा कि इससे उनके वीजा व पासपोर्ट बनाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
समस्या को देखते हुए बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने कहा था कि इसका जल्द समाधान अब निकाला जाएगा। बीएमसी ने जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाणपत्र से जुड़ी सेवाओं को अधिक तेज और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नए जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाणपत्र के लिए पंजीकरण कराने के बाद नागरिकों को प्रमाणपत्र के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बीएमसी के अनुसार, पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रमाणपत्र महज 3 कार्यालयीन दिनों में उपलब्ध कराया जाएगा।
इसी तरह बच्चे का नाम जन्म प्रमाणपत्र में दर्ज कराने की सुविधा भी 3 कार्यालयीन दिनों में उपलब्ध होगी, बीएमसी के वार्ड स्तर पर स्थित नागरिक सुविधा केंद्रों (सीएफसी) में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (आरबीडी) पोर्टल के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। अब इन केंद्रों पर केवल पंजीकरण ही नहीं, बल्कि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र में विभिन्न प्रकार के सुधार के आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे, विवाह प्रमाणपत्र में सुधार के लिए भी नागरिक सीएफसी में आवेदन कर सकेंगे, विवाह प्रमाणपत्र में सुधार की प्रक्रिया तीन दिनों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र में सुधार के लिए अधिकतम 25 कार्यालयीन दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
जन्म प्रमाणपत्र में बच्चे का नाम जोड़ने के साथ माता-पिता के नाम, पते, जन्मतिथि और लिंग संबंधी गलतियों को ठीक कराने के लिए भी आवेदन किया जा सकेगा। इसके अलावा मृत्यु प्रमाणपत्र में सुधार तथा पुराने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र को नए क्यूआर कोडयुक्त प्रमाणपत्र में बदलने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। बच्च्चे का नाम जन्म के 15 वर्ष के भीतर प्रमाणपत्र में दर्ज कराया जा सकेगा।
आवेदन की स्थिति जानने के लिए नागरिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन की पावती पर दर्ज यूनिक आईडी के जरिए आवेदन की प्रगति का पता लगाया जा सकेगा। सीएफसी में विभिन्न सेवाओं और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने वाले सूचना बोर्ड भी लगाए जा रहे है।
बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने इस सुविधा के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मनपा अतिरिक्त आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा लवंगारे ने भी सीएफसी में सूचना बोर्ड लगाने और नागरिकों को प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
पुराने जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र को क्यूआर कोडयुक्त नए प्रमाणपत्र में बदलने के लिए सीएफसी में अलग विडो उपलब्ध कराई गई है। पुराने रिकॉर्ड की उपलब्धता और बीएमसी के विभागीय रिकॉर्ड से सत्यापन के बाद नया प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
मूल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि यदि पुराना रिकॉर्ड स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हुआ या उसे खोजने में कठिनाई आई, तो प्रमाणपत्र जारी होने में अधिक समय लग सकता है।
सामान्य परिस्थितियों में इस प्रक्रिया को 25 कार्यालयीन दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि प्रमाणपत्र जारी करने की समय-सीमा इंटरनेट, सीआरएस पोर्टल की उपलब्धता, दस्तावेजों के रिकॉर्ड और संबंधित विभाग के कार्यभार जैसी परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगी।