प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Vilas Lad On Nashik Kumbh Tender Scam: महाराष्ट्र के राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार मंत्रालय के अनुभाग अधिकारी विलास लाड का एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस ऑडियो क्लिप में कुंभ मेले के टेंडरों को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, उसने भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है।
रिश्वत के मामले में गिरफ्तार विलास लाड की एक कथित ऑडियो क्लिप वायरल हो रही है। इस क्लिप में वह सामने वाले व्यक्ति से नासिक के कुंभ मेले के टेंडर और उसमें मिलने वाले कमीशन के बारे में बात करता हुआ सुनाई दे रहा है। बातचीत में वह यह दावा भी कर रहा है कि उसे इस सौदे से करोड़ों रुपये का कमीशन मिलने वाला है। हालांकि, आरोपी विलास लाड द्वारा इस फोन बातचीत में किए गए दावे सही हैं या नहीं, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नवभारत लाइव भी इस ऑडियों क्लिक की पुष्टि नहीं करता है।
नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है। इसमें से कुछ हजार करोड़ रुपये का फंड मिल भी गया है। गिरफ्तार आरोपी विलास लाड इस कथित फोन कॉल में दावा कर रहा है कि इसमें उनका कोटा 500 करोड़ रुपये का है। विलास लाड ने दावा किया है कि उन्होंने खुद 700 टेंट के लिए टेंडर लिया है, साथ ही ई-टॉयलेट और सफाई के लिए भी टेंडर लिए हैं।
विलास लाड ने दावा किया है कि उन्हें इस कुंभ मेले में नाश्ते और लंच का 18 करोड़ का टेंडर मिला है। कुंभ मेला 40 दिन का होता है और इसमें इतना खर्च नहीं होता, इससे बड़ा कमीशन मिलेगा। ऐसा दावा भी विलास लाड ने किया है।
ऑडियो क्लिप की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें विलास लाड ने दावा किया है कि कुंभ मेले के 1,021 प्रकार के कामों के टेंडर पहले ही ‘मैनेज’ किए जा चुके हैं। वह कहता है कि छोटे अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक का कमीशन प्रतिशत फिक्स हो चुका है। लाड सामने वाले व्यक्ति को लालच देते हुए कह रहा है कि “अगर तुम्हारे पहचान के लोग हैं, तो उन्हें भी टेंडर दिला देंगे, इसमें लाखों-करोड़ों की कमाई है।”
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आपको बता दें कि विलास लाड राज्य शासन के वित्त एवं नियोजन विभाग में कक्ष अधिकारी था। उसे हाल ही में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने खारघर इलाके में 6 लाख 37 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। यह रिश्वत ग्राम विकास विभाग का फंड मंजूर करने के बदले मांगी गई थी। छापेमारी के दौरान लाड के घर से 2 लाख रुपये की नकदी भी बरामद हुई है।
फिलहाल, सत्र न्यायालय ने विलास लाड को 8 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। हालांकि, वायरल हो रहे इस ऑडियो क्लिप की सत्यता की पुष्टि अभी किसी आधिकारिक एजेंसी ने नहीं की है, लेकिन इसने कुंभ मेले की तैयारियों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।