Vikram Kakade: आलीशान नावें, महंगी कारें और जय पवार को 10 करोड़ का कर्ज, विक्रम काकडे की कुल संपत्ति
Vikram Kakade Net Worth: पुणे विधान परिषद चुनाव लड़ रहे एनसीपी के विक्रम काकडे की कुल संपत्ति 150 करोड़ रुपये है। उन्होंने जय पवार को 10 करोड़ का कर्ज दिया है।
- Written By: अनिल सिंह
150 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं विक्रम काकडे (फोटो क्रेडिट-X)
Vikram Kakade Net Worth Pune MLC Election 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया समाप्त होते ही पुणे सीट से एनसीपी उम्मीदवार विक्रम काकडे की वित्तीय स्थिति सार्वजनिक हो गई है। विक्रम काकडे राजनीति के साथ-साथ रियल एस्टेट और खेल जगत का भी एक जाना-माना चेहरा हैं। वे पूर्व सांसद संजय काकडे के पुत्र हैं और उन्हें उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बेहद वफादार कार्यकर्ता और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का करीबी सहयोगी माना जाता है। एक सफल बिल्डर और डेवलपर होने के अलावा विक्रम लगातार 4 वर्षों तक राज्य स्तरीय शूटिंग चैंपियन भी रह चुके हैं और उन्होंने इटली, फ्रांस, जर्मनी और थाईलैंड में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
चुनाव आयोग को दी गई जानकारी के अनुसार, विक्रम काकडे के पास लगभग 150 करोड़ रुपये की कुल साम्राज्य संपत्ति है। इस कुल संपत्ति में से 78 करोड़, 95 लाख, 65,531 रुपये की केवल चल संपत्ति है। उनके पास 75 लाख रुपये की नकदी और विभिन्न बैंक खातों में 29 लाख 53 हजार रुपये जमा हैं। इसके अलावा उनके पास 410 ग्राम सोना, 5 किलो से अधिक चांदी, महंगी घड़ियां, आलीशान नावें और कई विदेशी महंगी कारें शामिल हैं।
जय पवार और कई कंपनियों को दिया है करोड़ों का कर्ज
विक्रम काकडे के वित्तीय लेन-देन के ब्योरे से यह साफ होता है कि राजनीतिक गलियारों में उनका रसूख कितना बड़ा है। उन्होंने अजित पवार के बेटे और राकांपा नेता जय पवार को 10 करोड़ रुपये का कर्ज दे रखा है। इसके अलावा उन्होंने व्यापारिक जगत और असम के कई बड़े दिग्गजों को भी करोड़ों रुपये उधार दिए हैं। उनके कर्जदारों की सूची में परवेज ग्रांट (2.17 करोड़ रुपये) सहित काकडे प्रमोटर्स, काकडे डेवलपर्स, श्रीशा एंटरप्राइजेज और राज डेवलपर्स शामिल हैं, जिन्हें कुल मिलाकर लगभग 40 करोड़ 95 लाख रुपये का ऋण दिया गया है।
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काकडे परिवार के पुराने इतिहास से एनसीपी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी
पुणे से विक्रम काकडे को अचानक टिकट दिए जाने से पार्टी के भीतर पुराना विवाद फिर से हरा हो गया है। साल 2017 के पुणे नगर निगम चुनाव में एनसीपी को सत्ता से बेदखल कर भाजपा को जिताने में विक्रम के पिता संजय काकडे की बहुत बड़ी भूमिका थी। उस समय संजय काकडे ने भाजपा में रहते हुए साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाकर कई एनसीपी पार्षदों को हराया था और कइयों को भाजपा में शामिल होने पर मजबूर किया था। अब उन्हीं के बेटे को विधायक की सीट (MLC) दिए जाने से पार्टी के भीतर अनिल भोसले और संजय काकडे के बीच तीखी बहस भी हुई है।
स्थानीय निकाय की 17 में से 11 सीटों पर अकेले बीजेपी का कब्जा
18 जून को होने वाले स्थानीय निकाय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने महायुति के भीतर एक बहुत बड़ी छलांग लगाई है। कुल 17 सीटों में से अकेले भाजपा ने 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि पिछले चुनाव में भाजपा ने केवल 7 सीटों पर चुनाव लड़ा था। भाजपा को मिली इन 4 अतिरिक्त सीटों पर पहले कांग्रेस और अविभाजित एनसीपी के विधायक काबिज थे। इस सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत पुणे की सीट एनसीपी (अजित पवार गुट) के हिस्से आई, जहां से उन्होंने करोड़पति विक्रम काकडे को मैदान में उतारकर अपनी ही पार्टी के भीतर एक नया सियासी संकट मोल ले लिया है।
