बेटी के जन्म की खुशियां मातम में बदलीं, छुट्टी पर आए सेना के जवान की सड़क हादसे में मौत

Soldier on Leave Dies in Nashik Crash: 13 दिन पहले बेटी के जन्म की खुशी मनाने छुट्टी पर घर आए सेना के जवान प्रवीण आव्हाड की बाइक हादसे में मौत हो गई। उनका शासकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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सैनिक प्रवीण अव्हाड का अंतिम संस्कार (सोर्सः फाइल फोटो)
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Indian Army Jawan Accident in Nashik: भारतीय सेना में कार्यरत जवान प्रवीण भाऊसाहेब आव्हाड (27) की सड़क दुर्घटना में हुई दर्दनाक मौत ने पूरे खंबाले गांव को गमगीन कर दिया है। महज 13 दिन पहले उनके घर बेटी का जन्म हुआ था और इसी खुशी को परिवार के साथ मनाने के लिए वे 75 दिनों की छुट्टी लेकर अपने गांव आए थे।

लेकिन परिवार की खुशियां ज्यादा दिन टिक नहीं सकीं। रविवार 14 जून की रात एक भीषण सड़क हादसे में उनकी जान चली गई। प्रवीण पिछले आठ वर्षों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर क्षेत्र में तैनात थे। वे अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और परिवार की उम्मीदों का केंद्र थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

इस कारण से हुआ हादसा

रविवार रात करीब 9:45 बजे प्रवीण किसी निजी कार्य से नांदूर शिंगोटे गए थे। काम पूरा करने के बाद वे मोटरसाइकिल से अपने गांव खंबाले लौट रहे थे। इसी दौरान नासिक-पुणे राजमार्ग पर दोडी पाटी के पास उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि प्रवीण गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हादसे की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि दोडी पाटी के पास का डिवाइडर लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है और यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। लोगों ने इस स्थान को दुर्घटना संभावित क्षेत्र बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।

शासकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

सोमवार को जवान प्रवीण आव्हाड के पार्थिव शरीर का खंबाले स्थित श्मशान भूमि में पूरे शासकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में सेना के अधिकारी, पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सेना की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

अंतिम विदाई के दौरान परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। बेटी के जन्म की खुशियां मनाने घर लौटे जवान की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। गांव के लोगों ने प्रवीण को एक अनुशासित, मेहनती और देशसेवा के प्रति समर्पित सैनिक बताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

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