विधानभवन में फर्जी पास कांड: मंत्रालय के 4 कर्मचारी गिरफ्तार, 50 एंट्री पास बेचने का खुलासा
Maharashtra Assembly Security Breach: मुंबई के विधानभवन में फर्जी एंट्री पास बनाने का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मंत्रालय के कर्मचारी भी शामिल हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
Mumbai assembly (सोर्सः सोशल मीडिया)
Vidhan Bhavan Fake Entry Pass Scam: दक्षिण मुंबई स्थित विधानभवन की सुरक्षा में एक गंभीर चूक का मामला सामने आया है। बजट सत्र के दौरान फर्जी एंट्री पास बनाए जाने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चौंकाने वाली बात यह है कि चार लोग मंत्रालय के ही कर्मचारी हैं। इनमें क्लर्क और चपरासी जैसे पदों पर कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं, जिससे इस पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एमआईडीसी और उद्योग विभाग के नकली लेटर हेड का इस्तेमाल कर करीब 50 फर्जी प्रवेश पास तैयार किए। इन पासों को बनाने के लिए अधिकारियों के नाम, पद और हस्ताक्षरों को स्कैन कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
सम्बंधित ख़बरें
अवैध बाइक टैक्सियों पर प्रताप सरनाईक का शिकंजा, ऐप बंद करने और मालिकों पर केस दर्ज करने के निर्देश
श्रमिकों के लिए हेल्थ कवच, आकाश फुंडकर ने दिए 18 नए अस्पताल और 3 मेडिकल कॉलेजों के निर्देश
महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों पर महा संग्राम की तैयारी, अगले हफ्ते बज सकता है चुनावी बिगुल
चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए लोग सीख न दे, साटम का रोहित पवार पर हमला, जानें क्यों छिड़ी मुंबई नालेसफाई पर जंग
मोटी रकम में बेचे गए पास
आरोपियों ने प्रत्येक फर्जी पास को 2,000 से 5,000 रुपये के बीच बेचकर अवैध कमाई की। इस रैकेट के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को अवैध रूप से विधानभवन में प्रवेश दिलाया गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने दत्तात्रेय केशव गुंजाल, गणपतभाऊ जवाले, नागेश शिवाजी पाटिल, मनोज आनंद मोरबाले और स्वप्निल रामेश तायडे को गिरफ्तार किया है। मामले में दो अन्य कर्मचारी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
जांच जारी, और खुलासे संभव
पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आशंका है कि इस रैकेट में और लोग भी शामिल हो सकते हैं। आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
ये भी पढ़ें :- खरात केस में नेताओं के नाम पर सियासत तेज, दीपक केसरकर बोले- मेरा कोई संबंध नहीं
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद विधानभवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की दिशा में कदम उठा सकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
