उद्धव ठाकरे गुट में बढ़ी अंदरूनी कलह, खैरे ने बोला दानवे पर जोरदार हमला

Maharashtra Politics: चंद्रकांत खैरे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली बीजेपी (यूबीटी) में गिरते चुनावी प्रदर्शन को लेकर कड़ा हमला बोला और अंबादास दानवे पर गंभीर आरोप लगाए।
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Chandrakant Khaire-Ambadas Danve \ (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Shiv Sena UBT Internal Conflict: शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) गुट में एक बार फिर बड़ा आंतरिक विवाद सामने आया है। छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका में पार्टी को केवल 6 नगरसेवक ही जीतने में सफलता मिली, जबकि जिला परिषद में संख्या घटकर 9 रह गई है। इस गिरते प्रदर्शन ने संगठन के भीतर असंतोष को बढ़ा दिया है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने ही शिवसेना को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, “मेरे पूरे राजनीतिक जीवन में मुझ पर कभी 1 लाख रुपए के घोटाले का आरोप नहीं लगा, लेकिन यहां एक नेता पर 18 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप हैं और फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।”

उद्धव ठाकरे से कार्रवाई की मांग

खैरे ने बिना नाम लिए अंबादास दानवे पर निशाना साधते हुए कहा कि वे खुद मुंबई जाकर उद्धव ठाकरे से मिलेंगे और हाथ जोड़कर कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा, “कौन जिम्मेदार है, यह सबको पता है। अब समय आ गया है कि नेतृत्व सख्त कदम उठाए।”

जिला परिषद चुनाव में टूट का आरोप

खैरे ने आरोप लगाया कि जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान बीजेपी ने ठाकरे गुट के तीन सदस्यों को तोड़ लिया।साथ ही उन्होंने कहा कि शिंदे गुट के साथ सत्ता पाने की कोशिश भी नाकाम रही। इस बीच, शिवसेना (उद्धव गुट) के सदस्य संजय निकम ने भी अंबादास दानवे पर आरोप लगाते हुए कहा था कि हमें रोककर रखा गया और हमारा सौदा किया गया।

जिम्मेदारी और राज्यसभा की इच्छा

खैरे ने बताया कि पार्टी ने उन्हें लातूर, धाराशिव और सोलापुर जिलों की जिम्मेदारी दी थी, जबकि शहर का प्रभार दूसरे नेता के पास था। राज्यसभा को लेकर उन्होंने कहा कि पिछली बार उन्हें मौका नहीं मिला, लेकिन इस बार उन्होंने फिर से दावेदारी पेश की है।

बढ़ता असंतोष, नेतृत्व पर नजर

खैरे के आक्रामक बयान के बाद पार्टी के अंदर असंतोष और तेज हो गया है। छत्रपति संभाजीनगर और मराठवाड़ा की राजनीति में हलचल बढ़ गई।

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