नियमों के अनुसार काम न हो पाए तो इस्तीफा दो… तुकाराम मुंढे की FDA के 29 कर्मचारियों को सीधी चेतावनी
IAS Tukaram Mundhe Orders: आईएएस तुकाराम मुंढे ने एफडीए के 29 कर्मचारियों को दी सीधी चेतावनी। दो शिफ्ट और छुट्टियों में काम का विरोध कर रहे कर्मचारियों पर मुंढे का कड़ा रुख।
- Written By: गोरक्ष पोफली
तुकाराम मुंढे (सोर्स: एआई फोटो)
Tukaram Mundhe Warning FDA 29 Employees: महाराष्ट्र के सबसे चर्चित और अपनी कड़क कार्यशैली के लिए मशहूर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। अन्न एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालते ही मुंढे ने विभाग में अनुशासन का डंडा चलाना शुरू कर दिया है।
ताजा मामले में उन्होंने अपने विभाग के 29 अधिकारियों और कर्मचारियों को दो टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि नियमों के अनुसार काम करना मंजूर नहीं है, तो इस्तीफा देकर घर चले जाएं।
कर्मचारियों की शिकायत
यह पूरा मामला छत्रपति संभाजीनगर की राज्य अन्न और औषधि प्रशासन प्रयोगशाला से शुरू हुआ। यहां के 29 अधिकारियों और कर्मचारियों ने आयुक्त तुकाराम मुंढे की कार्यपद्धति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विभाग के मंत्री नरहरी झिरवल के पास अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। 15 जुलाई को सौंपे गए इस ज्ञापन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन पर काम का अत्यधिक दबाव डाला जा रहा है।
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कर्मचारियों की मुख्य शिकायतें
- दो शिफ्टों में काम करने का निर्णय उन्हें रास नहीं आ रहा है।
- शनिवार, रविवार और सार्वजनिक छुट्टियों के दिन भी काम करने के आदेश दिए गए हैं।
- रिक्त पदों के कारण काम का बोझ बढ़ गया है, जिससे जांच की गुणवत्ता प्रभावित होने का डर है।
- उनकी मांग है कि उन्हें अन्य सरकारी कार्यालयों की तरह सुबह 10 से शाम 6 बजे तक की फिक्स टाइमिंग दी जाए।
तुकाराम मुंढे का पावरफुल पलटवार
शिकायत की खबर मिलते ही आयुक्त तुकाराम मुंढे अपने चिरपरिचित अंदाज में सामने आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक प्रयोगशाला कोई साधारण सरकारी कार्यालय नहीं है, बल्कि यह एक 24 घंटे चलने वाली संस्था है। मुंढे ने कहा कि जिस तरह अस्पताल और पुलिस सेवाएं निरंतर चलती हैं, उसी तरह लैब की सेवाएं भी जनता के स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य हैं।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, 10 से 6 बजे का ऑफिस टाइमिंग लैब में नहीं दिया जा सकता। यह सेवा 24/7 संचालित होनी चाहिए। अभी तो हमने केवल दो शिफ्ट और छह दिन काम शुरू किया है, जरूरत पड़ी तो इसे 24 घंटे भी शुरू किया जाएगा।
नियमों का हवाला और इस्तीफे की बात
मुंढे ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के नियम का उल्लंघन नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि, किसी भी कर्मचारी से सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा रहा है। कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश और सार्वजनिक छुट्टियां भी नियमों के तहत दी जा रही हैं। मुंढे ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग सरकारी नियमों और जनहित की सेवा के अनुसार काम नहीं कर सकते, उनके लिए विभाग में कोई जगह नहीं है और वे इस्तीफा देने के लिए स्वतंत्र हैं।
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मिलावटी सामान के खिलाफ रेड्स जारी
वर्तमान में महाराष्ट्र में मिलावटखोरों के खिलाफ एफडीए ने व्यापक स्तर पर छापेमारी और अभियान शुरू किया है। तुकाराम मुंढे का मानना है कि यदि अधिकारी ही नियमों और शिफ्ट में काम करने से कतराएंगे, तो आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को पकड़ा नहीं जा सकेगा।
इस कड़े रुख के बाद अब एफडीए विभाग के भीतर तनाव बढ़ गया है, लेकिन सोशल मीडिया और जनता के बीच तुकाराम मुंढे की इस एक्शन मोड वाली छवि की एक बार फिर खूब चर्चा हो रही है।
