

Tukaram Mundhe FDA Action: महाराष्ट्र के प्रशासनिक गलियारों में सिंघम कहे जाने वाले IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे जहां भी जाते हैं, नियम और कानून का राज खुद-ब-खुद लागू हो जाता है। अन्न व औषध प्रशासन (FDA) के आयुक्त पद की कमान संभालते ही मुंढे ने अपनी कड़क और बेबाक शैली की पहली झलक दिखा दी है। पदभार ग्रहण करने के महज 3 दिनों के भीतर उन्होंने पूरे महाराष्ट्र में मिलावटखोरों और प्रतिबंधित गुटका बेचने वालों के खिलाफ ऐसी महा-मुहिम छेड़ी है कि अवैध धंधा करने वालों में हड़कंप मच गया है।
25 मई को कमिश्नर का पदभार संभालने के बाद IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे ने सभी डिविजनल अधिकारियों को एक साफ संदेश दिया कि जो लोग नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करेंगे उनके साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उनके निर्देश के बाद FDA की टीम तुरंत हरकत में आ गई। मुंबई, पुणे, नागपुर, अमरावती, नासिक, कोंकण और छत्रपति संभाजीनगर डिविजनों में एक साथ विशेष छापेमारी शुरू की गई। पदभार ग्रहण करते ही तुकाराम मुंडे द्वारा अपनाए गए इस आक्रामक रवैये से फिर एक राज्य में चर्चा शुरू हो गई है। इस जोरदार कार्रवाई ने मिलावटखोरों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है, वहीं दूसरी ओर आम जनता के बीच संतोष का माहौल भी बनाया है।
इस अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संदिग्ध प्रतिष्ठानों पर अचानक छापे मारे। गुटखा, पान मसाला और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों को खुलेआम बेचने वाली कई दुकानों का भंडाफोड़ हुआ। केवल तीन दिनों के भीतर 53 स्थानों पर छापे मारे गए और 27 प्रतिष्ठानों को तत्काल सील कर दिया गया। इनमें से 34 प्रतिष्ठानों से प्रतिबंधित सामान बरामद किया गया। इन मामलों के संबंध में 25 FIR दर्ज की गई हैं। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 33 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गुटखा की ढुलाई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पांच वाहन जब्त किए गए।
सबसे बड़ा अभियान मुंबई डिवीजन में चलाया गया। 19 जगहों पर छापे मारे गए और बाद में उन सभी जगहों को सील कर दिया गया। प्रशासन ने बैन गुटखा, फ्लेवर्ड तंबाकू और गुमराह करने वाली पैकेजिंग वाले प्रोडक्ट्स पर कड़ी कार्रवाई की। इस पूरे अभियान के दौरान 20 लाख रुपए से ज्यादा का सामान जब्त किया गया।
FDA का ध्यान सिर्फ गुटखा तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उन खाने-पीने की चीजों पर भी था जिनका इस्तेमाल लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में करते हैं। दूध, पनीर, घी, मसाले, खोया, बेसन, पैकेट वाला पानी, नमकीन स्नैक्स (फरसान), आइसक्रीम और बेकरी प्रोडक्ट्स की जाँच की गई। इन जांचों के दौरान 28 लाख से ज्यादा का संदिग्ध स्टॉक जब्त किया गया।