छात्रों की जीत: 17 दिन बाद टूटा अनशन, CM फडणवीस के हस्तक्षेप से आदिवासी छात्रों की मांगें मंजूर

Tribal Students Hunger Strike: 17 दिन से जारी आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल CM फडणवीस के हस्तक्षेप के बाद खत्म हुई। सरकार ने PESA भर्ती, बिंदुनामावली और आश्रमशालाओं पर कार्रवाई का भरोसा दिया।
Tribal Students Hunger Strike Ends After CM Fadnavis Assurance
CM देवेंद्र फडणवीस के आश्वासन के बाद आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल खत्म हुई( सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Strike Ends After CM Fadnavis Assurance: महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों की 17 दिन से जारी भूख हड़ताल शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप और सरकार द्वारा उनकी सभी प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद खत्म हो गई।

पुणे, नागपुर और नासिक में आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिसके बाद सरकार ने मांगों के समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया।

आदिवासी विकास मंत्री उइके ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है और तीन महीने बाद फिर बैठक कर फैसलों के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।

PESA भर्ती में तेजी

पेसा के तहत सरकारी भर्ती प्रक्रिया को गति देने पर भी सहमति बनी है। उईके के अनुसार, पेसा के 17 संवगों में से 9 में भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष संवर्गों में भर्ती शुरू करने के निर्देश दिए गए है।

2017 के सुको के फैसले के अधीन रहते हुए अधिसंख्य पदों के संबंध में भी कार्रवाई की जाएगी। एसटी उम्मीदवारों - को रोजगार उपलब्ध कराने, पदों की संख्या तय करने की प्रक्रिया 3 माह में पूरी करने और इसके बाद 6 माह में आगे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए है।

3 महीने में रिपोर्ट

आदिवासी छात्रों की प्रमुख मांगों में एसटी की बिंदुनामावली में स्थान का मुद्दा शामिल है। छात्रों का कहना है कि वर्ष 2017 के शासन निर्णय के अनुसार बिंदुनामावली में एसटी को दूसरा स्थान दिया जाना चाहिए। इस मामले में गठित समिति को 3 माह में सिफारिश देने के निर्देश सीएम ने दिए है।

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आश्रमशालाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट

सरकारी और अनुदानित आश्रमशालाओं में सुविधाओं की कमी की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया है। आश्रमशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं की थर्ड पार्टी ऑडिट कराई जाएगी। ऑडिट में सामने आने वाली कमियों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुणे के मांजरी क्षेत्र में आदिवासी छात्र पिछले 16-17 दिनों से आंदोलन और अनशन कर रहे हैं। आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके ने छात्रों के साथ करीब पांच घंटे तक चर्चा की।

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