14 अगस्त के संशोधित जीआर के खिलाफ चंद्रपुर में आदिवासी छात्रों का प्रदर्शन, महाराष्ट्रभर आंदोलन की चेतावनी

Tribal Students Protest: चंद्रपुर में आदिवासी छात्रों ने 14 अगस्त के संशोधित शासन निर्णय के खिलाफ अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है। छात्रों ने जीआर रद्द कर नया शासन निर्णय जारी करने की मांग की है।
Chandrapur Tribal Students Protest
चंद्रपुर में आदिवासी छात्रों का विरोध प्रदर्शन(फोटो नवभारत)
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Chandrapur Tribal Students Protest: महाराष्ट्र सरकार के आदिवासी विकास विभाग द्वारा 5 अगस्त को जारी शासन निर्णय में 14 अगस्त को किए गए संशोधन के खिलाफ आदिवासी समाज और छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

चंद्रपुर के शासकीय आदिवासी बालक एवं बालिका छात्रावास क्रमांक 1 और 2 के विद्यार्थियों ने एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के पार्किंग परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।

अनिश्चितकालीन अनशन

चंद्रपुर में आदिवासी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है। छात्रों ने एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तेज धूप के बावजूद छात्र आंदोलन स्थल पर डटे रहे।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें अनशन के दौरान जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसके बावजूद छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार और प्रशासन की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा। छात्रों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।

संशोधित GR रद्द करने की मांग

आंदोलित आदिवासी छात्रों ने 14 अगस्त 2026 को जारी संशोधित शासन निर्णय का विरोध किया है। छात्रों का आरोप है कि इस निर्णय से आदिवासी विद्यार्थियों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। छात्रों ने सरकार से संशोधित जीआर को तत्काल रद्द करने की मांग की है।

साथ ही, उन्होंने 11 नवंबर 2011 को जारी मूल शासन निर्णय में वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक बदलाव करने की मांग रखी है। छात्रों का कहना है कि संशोधन के बाद नया और स्पष्ट शासन निर्णय जारी किया जाना चाहिए, ताकि आदिवासी विद्यार्थियों के अधिकार और हित सुरक्षित रह सकें।

Chandrapur Tribal Students Protest
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मांगें नहीं मानीं तो महाराष्ट्रभर आंदोलन

आंदोलित छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन और प्रशासन ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को केवल चंद्रपुर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को तेज किया जाएगा। छात्रों के अनिश्चितकालीन अनशन और आंदोलन के बीच अब शासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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