मुंबई में आकर्षण का केंद्र बना ये पुष्प
- Written By: प्रभाकर दुबे
मुंबई: मुंबई (Mumbai) में पेड़ों पर लदे बैंगनी, लाल, गुलाबी, मनभावन राज्य पुष्प ‘ताम्हण’ (Tamhan) जगह-जगह अपनी छटा बिखेर रहा है। अपने आकर्षक रंगों के कारण मनोहारी दिखने वाला यह फूल (Flower) को मुंबई में विभिन्न स्थानों पर आसानी से देखा जा सकता है। बैंगनी और अन्य रंगों से सजे ताम्हण वृक्ष के फूल बहुत ही मनमोहक होते हैं। मुंबई में 6,568 तम्हन के पेड़ हैं और सभी वर्तमान में फूलों से लदे हुए हैं।
मुंबई में इस साल की गर्मी भीषण रही है और उस चिलचिलाती धूप में मुंबई के विभिन्न सड़कों और पार्कों पर लगाए गए फूल आंखों अलग राहत दे रहे हैं। गर्मियों में पलास, गुलमोहर, ढाख, बोगनविलिया, बसंतरानी जैसे कई पेड़ खिलते हैं। उसी में एक हिंदी में ताम्हण फूल को ‘जारुल’ के नाम से जाना जाता है।
जारुल के भी 6,568 वृक्ष
बीएमसी उद्यान विभाग के अनुसार, मुंबई में 29 लाख से अधिक पेड़ हैं जिनमें बड़ी संख्या में विभिन्न देशी प्रजातियां शामिल हैं। इसमें जारुल के भी 6,568 वृक्ष शामिल हैं। इसे शहर के विभिन्न हिस्सों में ताम्हण के पेड़ से खिलते हुए देखा जा सकता है।
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औषधीय पेड़ भी
मुंबई बीएमसी मुख्यालय के सामने भी ताम्हण की खूबसूरती देखी जा सकती है। नेपियंसी रोड़ पर 30 ताम्हण के पेड़ हैं। ग्रांट रोड स्टेशन से निकलने के कुछ देर बाद ही ताम्हण के खिले हुए पेड़ बरबस लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। बीएमसी उद्यान विभाग के अधीक्षक जितेंद्र परदेशी ने बताया कि ताम्हण के फूलों में छह से सात नाजुक पंखुड़ियां होती हैं। तम्हन वृक्ष की जिसे क्वीन ऑफ क्रेप मर्टल भी कहा जाता है। यह औषधीय पेड़ भी है। इस पेड़ की पत्तियों और फल, छाल में मधुमेह के उपचार में कारगर माना जाता है। बुखार होने पर मरीज को इसका अर्क देने पर ठीक हो जाता है।
लकड़ी बहुत टिकाऊ, मजबूत, चमकदार
इस पेड़ की लकड़ी बहुत टिकाऊ, मजबूत, चमकदार लाल रंग की होती है। लकड़ी पर खारे पानी का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसलिए इसकी लकड़ी का उपयोग जहाज निर्माण के लिए किया जाता है। यह लकड़ी सड़ती नहीं है। इस पर नक्काशी भी की जा सकती है।
