Mumbai: NH-48 मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर सुरक्षा संकट, मलबा हटाने में प्रशासन नाकाम

Mumbai News: मीरा-भाईंदर NH-48 पर सड़क किनारे मलबे का ढेर खतरनाक साबित हो सकता है। ये वाहन चालकों के लिए बड़ा जोखिम हो सकता है। मनपा और प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
मीरा-भाईंदर NH-48 पर सड़क किनारे मलबे का ढेर खतरनाक साबित हो सकता है। ये वाहन चालकों के लिए बड़ा जोखिम हो सकता है। इस मामले को लेकर मनपा और प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
नेशनल हाईवे 48 (सौ. सोशल मीडिया )
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Mira Bhayandar News In Hindi: राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग) पर पाली विलेज रेस्टॉरेंट के आगे मुख्य सड़क पर ही हाईवे के किनारे बड़े-बड़े पत्थरों और निर्माण मलबे (debris) का अम्बार लगा दिया गया है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

यह मलबा दिन में भी खतरे का संकेत देता है, लेकिन रात के समय कम दृश्यता में यह जानलेवा साबित हो सकता है। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों का कहना है कि यह मलबा पिछले कई दिनों से सड़क किनारे पड़ा हुआ है। इसके बावजूद मीरा-भाईंदर महानगरपालिका और संबंधित प्रशासनिक विभागों की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

एक स्थानीय ड्रायवर प्रदीप मिश्रा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रात में जब रोशनी कम होती है, तो यह मलबा बिल्कुल दिखाई नहीं देता। जरा सी चूक में वाहन सीधा इन पत्थरों से टकरा सकता है इतने व्यस्त हाईवे पर ऐसी लापरवाही हादसे को न्योता देने के बराबर है।

NH-48 मुंबई अहमदाबाद और ठाणे के सबसे व्यस्त राजमार्गों में से एक है, जहाँ दिन-रात भारी ट्रैफिक चलता है। इस मार्ग से रोज सैकड़ों मालवाहक ट्रक, बसें और निजी वाहन गुजरते हैं, ऐसे में सड़क किनारे मलबा डालना न सिर्फ यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा मानकों की भी सीधी अनदेखी है।

दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद मनपा और ठेकेदार दोनों ही स्तर पर चुप्पी बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि यह मलबा संभवतः आसपास के तोड़े गए निर्माण कार्यों से लाया गया है, और इसे कानूनी रूप से निषिद्ध स्थान पर उप किया गया है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मलबे से दोपहिया चालकों के लिए खतरा सबसे अधिक है, अचानक मोड़ पर या अंधेरे में यदि किसी वाहन की टक्कर पत्थरों से हो जाती है, तो गंभीर बोट या मौत भी हो सकती है। प्रशासन को ऐसे स्थानों का निरीक्षण कर मलबा हटवाना चाहिए, और अवैध रूप से रोड पर मलबा डालने वाले दोषियों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।

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