ठाणे बेलापुर स्लम रीडेवलपमेंट (सौ. सोशल मीडिया )
Thane Belapur Slum Redevelopment: वन मंत्री गणेश नाईक के विरोध को अनदेखा करते हुए एमआईडीसी ने ठाणे-बेलापुर औद्योगिक पट्टी में लगभग 338 एकड़ क्षेत्र की झोपड़पट्टियों के पुनर्विकास के लिए टेंडर जारी करने का निर्णय लिया है, जिसे महाराष्ट्र के शहरी विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पता हो कि इस पुनर्विकास को रद्द करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से गुहार लगाई है। माना जा रहा है कि टेंडर प्रक्रिया के बाद इस मामले में अब राजनीति और अधिक तेज हो जाएगी। Thane Belapur महाराष्ट्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण औद्योगि औद्योगिक कॉरिडोर है, जहां बड़े पैमाने पर उद्योग, लॉजिस्टिक्स और उत्पादन क्षेत्र विकसित हुआ है।
हालांकि, पिछले कुछ दशकों में अनियोजित विकास के कारण इस क्षेत्र में बड़ी संख्या मे झोपडपट्टियां विकसित हो गई हैं। इसे देखते हुए MIDC का यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस परियोजना के तहत झोपड़पट्टी निवासियों का पुनर्वास, भूमि का पुनर्गठन तथा आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
इससे औद्योगिक क्षेत्र की भूमि का अधिक प्रभावी और नियोजित उपयोग संभव हो सकेगा। इस संदर्भ में मराठी बांधकाम व्यावसायिक महासंघ के महासचिव प्रकाश बाविस्कर ने कहा कि ठाणे-बेलापुर औद्योगिक पट्टी में 338 एकड़ झोपडपट्टी पुनर्विकास के लिए एमआईडीसी का निर्णय स्वागत योग्य है।
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पूरे क्षेत्र का समग्र मास्टर प्लान तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। मास्टर प्लान घोषित होने के बाद ही विकास कार्य शुरू होना चाहिए। भूखंडों का उचित नियोजन कर उन्हें कई विकासकों को चरणबद्ध तरीके से दिया जाए, जिससे अधिकाधिक विकासक इस प्रक्रिया में भाग ले सकें और परियोजना का क्रियान्वयन तेजी से हो सके।