

Navi Mumbai Video: महाराष्ट्र के नवी मुंबई से एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पार्षद राम आशीष यादव को एक महिला द्वारा बीच सड़क पर चप्पलों से पीटने की घटना कैमरे में कैद हुई है। वीडियो के वायरल होते ही विपक्षी दलों ने शिंदे गुट की घेराबंदी शुरू कर दी है। हालांकि, महिला ने पार्षद पर हमला क्यों किया, इसकी सटीक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन इस घटना ने यादव के पुराने विवादों को एक बार फिर हवा दे दी है।
पार्षद राम आशीष यादव का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। साल 2019 में एक युवती द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराया गया बलात्कार का मामला आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। उस समय यादव पर आरोप लगा था कि उन्होंने अश्लील वीडियो के जरिए पीड़िता को ब्लैकमेल किया और दो साल तक उसका शारीरिक शोषण किया। इस मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। अब सरेआम हुई इस पिटाई ने यादव की छवि को एक और गहरा धक्का पहुँचाया है।
राम आशीष यादव ने अपना राजनीतिक सफर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से शुरू किया था, जिसके बाद वे भाजपा में शामिल हुए। वर्तमान में वे एकनाथ शिंदे की शिवसेना का हिस्सा हैं। यादव नगर इलाके में उनका खासा प्रभाव माना जाता है, लेकिन उनका आपराधिक रिकॉर्ड भी उतना ही लंबा है। राबले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ मारपीट, दंगा, घर में घुसकर हमला करने और यहाँ तक कि हत्या जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। उन्हें पहले भी नवी मुंबई से तड़ीपार किया जा चुका है।
नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) में वर्तमान में भाजपा सत्ता में है, लेकिन वहाँ उसका मुख्य मुकाबला शिंदे की शिवसेना से ही है। इस घटना ने भाजपा को शिवसेना पर पलटवार करने का एक सुनहरा मौका दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निकाय चुनावों से ठीक पहले इस तरह का वीडियो वायरल होना शिवसेना के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। भाजपा नेता अब यादव के आपराधिक इतिहास को ढाल बनाकर शिंदे गुट के 'नैतिकता' के दावों पर सवाल उठा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में महिला का गुस्सा साफ देखा जा सकता है, जबकि पार्षद बचाव की मुद्रा में नजर आ रहे हैं। स्थानीय पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लिया है और वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह हमला किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश है। यादव नगर और आसपास के इलाकों में इस घटना के बाद तनाव का माहौल है और पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है।