BMC Election से पहले महाविकास आघाड़ी में तनाव, यूबीटी का कांग्रेस की रणनीति पर सवाल
Maharashtra Nikaay Chunaav: बीएमसी चुनाव से पहले महाविकास आघाड़ी में तनाव बढ़ गया है। शिवसेना (यूबीटी) ने कांग्रेस के अकेले लड़ने के संकेत पर बिहार चुनाव का हवाला देते हुए सवाल खड़े किए है।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाविकास आघाड़ी (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Local Body Election: बीएमसी चुनाव से पहले महाविकास आघाड़ी में खटपट शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे को अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) ने बिहार चुनाव का जिक्र कर कांग्रेस पर निशाना साधा है।
उनका कहना है कि बिहार के चुनाव में राज ठाकरे नहीं थे, तो भी कांग्रेस ने खराब प्रदर्शन किया। खास बात है कि 61 सीटों पर बिहार में चुनाव लड़ रही कांग्रेस 6 पर सिमट गई थी।
खास बात है कि शिवसेना (यूबीटी) की तरफ से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब कुछ दिन पहले ही कांग्रेस ने बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने की बात कही है।
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फिलहाल, चुनाव की तारीख तय नहीं है। यूबीटी ने कहा कि कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने घोषणा की है कि वह मुंबई महानगरपालिका चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। बिहार के नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी में जो आत्मविश्वास पैदा हुआ है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। कांग्रेस एक स्वतंत्र पार्टी है।
महाविकास आघाड़ी में वह एकमात्र राष्ट्रीय पार्टी है। इसलिए उसे समय-समय पर राष्ट्रीय पार्टी होने का तेवर दिखाना पड़ता है। मुंबई महानगरपालिका चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने की घोषणा उनका अपना मुद्दा है।
क्यों सता रहा मनसे का डर
शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि कांग्रेस का कहना है कि शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना एक साथ आ रही हैं। चूंकि मनसे इंडिया गठबंधन या महाविकास आघाड़ी का हिस्सा नहीं है इसलिए कांग्रेस राज ठाकरे से हाथ नहीं मिला सकती।
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कांग्रेस को लगता है कि अगर राज साथ आते हैं तो उसे झटका लगेगा, बिहार चुनाव में शिवसेना या राज ठाकरे नहीं थे फिर भी कांग्रेस को दारुण पराजय का सामना करना पड़ा। मुंबईकर कांग्रेसियों का इस बारे में क्या कहना है? शिक्सेना ने कहा कि मुंबई कांग्रेस की नेता सांसद वर्षा गायकवाड कहती हैं कि हम देश के संविधान का सम्मान करनेवाला समूह हैं। कुछ दल लगातार मारपीट कर कानून अपने हाथ में लेने की बात करते हैं। यह हमारी संस्कृति के अनुकूल नहीं है।
