'धनुष-बाण' को लेकर 'सुप्रीम' सुनवाई आज, ठाकरे गुट ने NCP का दिया हवाला

Uddhav Thackeray Petition Hearing in Supreme Court: चुनाव चिह्न को लेकर शिवसेना यूबीटी की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। उद्धव ठाकरे गुट ने चुनाव चिह्न के इस्तेमाल के लिए याचिका दायर की थी।
Uddhav petition hearing in Supreme Court: चुनाव चिह्न को लेकर शिवसेना यूबीटी की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। उद्धव ठाकरे गुट ने चुनाव चिह्न के इस्तेमाल के लिए याचिका दायर की थी।
चुनाव चिह्न धनुष बाण पर सुनवाई आज (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

SC ShivSena symbol dispute hearing: शिवसेना यूबीटी नेता उद्धव ठाकरे की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है कि उन्हें आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए 'शिवसेना' नाम, चुनाव चिह्न के रूप में ‘धनुष-बाण’ और बाघ वाले भगवा रंग के झंडे का इस्तेमाल फिर से करने की अनुमति दी जाए। महाराष्ट्र में जल्द ही नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव होने वाले है, जिसके लिए उद्धव ठाकरे ने यह मांग की है।

उद्धव ठाकरे के वकील देवदत्त कामत ने 2 जुलाई को यह मांग की थी, जब छुट्टियों के दौरान भी सुप्रीम कोर्ट काम कर रही थी और बेंच के सामने इस पर जल्द-से-जल्द सुनवाई करने की मांग की थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा एकनाथ शिंदे गुट को आगामी चुनाव के लिए इन चिन्हों का इस्तेमाल करने से रोका जाए। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा था कि ये असली शिवसेना की पहचान हैं और जनता इससे भावनात्मक रूप से जुड़ी है।

एनसीपी की तरह मिले अनुमति

आपको बताते चलें कि, साल 2022 में एकनाथ शिंदे ने अपने गुट के साथ शिवसेना से बगावत कर ली थी। पार्टी अलग होने के बाद फरवरी 2023 में चुनाव आयोग ने 'शिवसेना' का नाम और उसका चुनाव चिन्ह 'धनुष-बाण' दोनों ही एकनाथ शिंदे गुट को दे दिया था। इस फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी और इस फैसले को चुनौती दी। यह मामला अब तक चल रहा है। आगामी चुनाव से पहले ठाकरे गुट पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को वापस पाना चाहता है।

उद्धव गुट ने मांग की है कि महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों में उन्हें चुनाव चिह्न के रूप में धनुष बाण का इस्तेमाल करने की अनुमति दें, ताकि आगामी चुनाव में उनका नुकसान न हो। उद्धव गुट ने सुझाव दिया है कि जैसे एनसीपी विवाद में कोर्ट ने अजित पवार गुट को चुनाव चिन्ह घड़ी का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी, ठीक वैसे ही उन्हें भी अनुमति दी जाए।

शिंदे गुट पर लगाया आरोप

शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने पार्टी से बगावत करने के बाद भाजपा और एनसीपी के साथ मिलकर महायुति गठबंधन का निर्माण किया और खुद मुख्यमंत्री बने। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने शिवसेना नाम पर अपना दावा कर दिया था। ठाकरे गुट का आरोप है कि शिंदे ने असंवैधानिक रूप से सत्ता हथियाई और असंवैधानिक सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com