अजित दादा जिंदा होते तो 12 फरवरी को एक हो जाती NCP, सुनील तटकरे के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल

Sunil Tatkare Statement On NCP Merger: सुनील तटकरे ने कहा कि अजित पवार जीवित होते तो 12 फरवरी को NCP के दोनों गुटों का विलय हो जाता। प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार की मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा।
NCP Merger Sunil Tatkare Statement
सुनील तटकरे(सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Highlights

  • सुनील तटकरे ने कहा कि अजित पवार जीवित होते तो दोनों गुट एक हो जाते।

  • अजित पवार के निधन से एनसीपी के दोनों गुटों का प्रस्तावित विलय नहीं हो सका।

  • प्रफुल्ल पटेल की शरद पवार से अस्पताल में मुलाकात के बाद चर्चाएं तेज हो गईं।

NCP Merger News: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के विलय को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने शुक्रवार को दावा किया कि अगर अजित पवार आज जीवित होते तो राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुट एक हो चुके होते। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों दलों के विलय के लिए 12 फरवरी की तारीख प्रस्तावित थी। तटकरे के इस बयान से महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

सुनील तटकरे ने कहा कि अजित पवार के जीवित रहने के दौरान दोनों गुटों के विलय को लेकर निश्चित रूप से बातचीत हुई थी। अजित पवार ने उन्हें यह भी बताया था कि विलय की प्रक्रिया किस तरह पूरी की जाएगी। तटकरे के मुताबिक, वह अजित पवार के करीबी सहयोगियों में शामिल थे और इस वजह से उन्हें इस बातचीत की जानकारी थी।

उन्होंने कहा, 'अगर अजित दादा आज हमारे बीच होते तो 12 फरवरी को दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस एक हो गई होतीं। उनकी मजबूत इच्छाशक्ति के कारण यह संभव हो पाता।' तटकरे ने कहा कि 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन के बाद यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार की मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा

तटकरे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब गुरुवार रात एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में शरद पवार से मुलाकात की थी। शरद पवार को बुधवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पटेल ने उनसे मुलाकात कर स्वास्थ्य का हालचाल जाना और राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की।

मुलाकात के बाद प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि शरद पवार का स्वास्थ्य अच्छा है। उन्होंने कहा कि वह मुख्य रूप से उनका हालचाल जानने पहुंचे थे, लेकिन दोनों के बीच राजनीति को लेकर भी बातचीत हुई। हालांकि, पटेल ने इस बातचीत का विस्तृत ब्योरा साझा नहीं किया।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से भले ही दोनों की राहें अलग हो गई हों, लेकिन व्यक्तिगत संबंध और स्नेह अब भी कायम हैं। पटेल के मुताबिक, शरद पवार मुस्कुरा रहे थे और देश, राज्य तथा अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ी सामान्य बातें भी कर रहे थे।

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सुप्रिया सुले पहले ही दे चुकी हैं यह बयान

अजित पवार के निधन के बाद दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस गुटों के विलय को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। एनसीपी-एसपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने पहले कहा था कि अजित पवार के साथ विलय को लेकर बातचीत हुई थी। हालांकि, चूंकि यह चर्चा सीधे अजित पवार के साथ हुई थी और अब वह हमारे बीच नहीं हैं, इसलिए इस विषय पर आगे बढ़ना मुश्किल है।

दूसरी ओर, शरद पवार भी पहले कह चुके हैं कि दोनों गुटों के एक साथ आने को लेकर बातचीत चल रही थी और 12 फरवरी को इसकी घोषणा होनी थी। उन्होंने अजित पवार को इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने वाला नेता बताया था।

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क्या फिर एक होंगे NCP के दोनों गुट?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का विभाजन जुलाई 2023 में हुआ था, जब अजित पवार ने अपने समर्थक विधायकों के साथ अलग राजनीतिक रास्ता अपनाया था। इसके बाद पार्टी के दो गुट बन गए। एक गुट का नेतृत्व शरद पवार के पास रहा, जबकि अजित पवार के नेतृत्व वाला गुट महाराष्ट्र की महायुति सरकार में शामिल हुआ।

अब प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार की मुलाकात तथा सुनील तटकरे के बयान ने विलय की अटकलों को फिर हवा दी है। हालांकि, तटकरे के बयान को दोनों दलों के बीच विलय की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता। फिलहाल दोनों गुटों के एकीकरण पर किसी नए औपचारिक समझौते या अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या अजित पवार की इच्छा के मुताबिक दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस गुट भविष्य में फिर एक साथ आएंगे या महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी अलग-अलग राहें जारी रहेंगी?