

NCP नेता प्रफुल पटेल ने अस्पताल में शरद पवार से मुलाकात की।
शरद पवार और प्रफुल पटेल के बीच बातचीत का वीडियो आया सामने।
शरद पवार ने कहा- दिवाली के बाद 10 तारीख को साथ बैठेंगे।
NCP के दोनों गुटों के विलय की चर्चाएं तेज।
Praful Patel Sharad Pawar Meeting NCP Merger Speculations: महाराष्ट्र में एक बार फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है। इसका केंद्र बने हैं शरद पवार। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती शरद पवार का हाल-चाल जानने के लिए सुनेत्रा पवार गुट के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल पहुंचे। वैसे तो यह एक औपचारिक मुलाकात थी, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बहुत गहरे निकाले जा रहे हैं।
खासतौर पर तब, जब कुछ ही समय पहले प्रफुल पटेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद सीधे शरद पवार से मिलने पहुंचने के फैसले ने राज्य में एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की अटकलों को हवा दे दी है।
शरद पवार और प्रफुल पटेल की अस्पताल में मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल और बढ़ा दी है। वीडियो में शरद पवार प्रफुल पटेल से यह कहते हुए सुने जा रहे हैं, "हम दिवाली के बाद यानी 10 तारीख के बाद साथ बैठेंगे।" इस एक वाक्य ने महाराष्ट्र के राजनीतिक विश्लेषकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या पर्दे के पीछे दोनों गुटों को एक साथ लाने या किसी बड़े सियासी समझौते की पटकथा लिखी जा रही है।
शरद पवार ने बताया कब होंगे डिस्चार्ज
इस वीडियो में शरद पवार यह भी कहते नजर आ रहे हैं कि कल मुझे यहां से छुट्टी दे दी जाएगी। इसके बाद प्रफुल पटेल कहते है मैं 10 से मुंबई में ही हूं।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रफुल पटेल ने स्पष्ट किया कि शरद पवार को अत्यधिक थकान के कारण पहले पुणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था और फिर बेहतर इलाज के लिए मुंबई लाया गया। पटेल ने कहा कि फिलहाल मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है, उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है और उनसे मिलकर बहुत खुशी हुई।
वहीं, शरद पवार के स्वास्थ्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोन कॉल पर प्रफुल पटेल ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच कई दशकों से मजबूत राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध रहे हैं।
पटेल के अनुसार कि नरेंद्र मोदी हमेशा शरद पवार का सम्मान करते आए हैं और शरद पवार के मन में भी प्रधानमंत्री के लिए विशेष स्थान है। जब केंद्र में यूपीए की सरकार थी और मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब से दोनों के बीच बेहतर संवाद रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का फोन आना पूरी तरह से स्वाभाविक था।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि अमित शाह से मुलाकात के बाद प्रफुल पटेल का शरद पवार से मिलना सिर्फ एक शिष्टाचार भेट नहीं है। महाराष्ट्र में बदलते समीकरणों के बीच शरद पवार का 10 तारीख के बाद बैठने का बयान इस बात का साफ इशारा है कि आने वाले दिनों में एनसीपी के दोनों धड़ों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।
शरद पवार गुट लगातार NCP के दाेनों गुटों को एक करने की वकालत करता रहा हैं। वहीं सुनेत्रा पवार गुट अब तक इससे इनकार करता रहा। लेकिन पिछले कुछ दिनों से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों ने एक बार फिर से इस चर्चा को हवा दे दी है।
प्रफुल पटेल समेत सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी का एक धड़ा पार्थ पवार से नाराज बताया जा रहा है। इसकी झलक हमने अमित शाह से मुलाकात के दौरान देखी। अमित शाह से मुलाकात के दौरान न तो सुनेत्रा पवार मौजूद रहीं न ही पार्थ पवार। उसी दिन मुंबई में एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक में पार्थ पवार के कामकाज के तरीके पर सवाल भी उठे। सीनियर नेताओं का कहना है कि पार्थ पवार बिना सलाह के या बिना किसी सूचना के फैलसे ले रहे हैं।