प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सुनेत्रा पवार, प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे व अन्य नेता (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sunetra Pawar Press Conference: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में सत्ता परिवर्तन और नेतृत्व की नई कमान संभालने के साथ ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी गईं सुनेत्रा पवार की पहली ही प्रेस कॉन्फ्रेंस हंगामे और अजीबोगरीब स्थितियों की भेंट चढ़ गई। इस दौरान वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई कानाफूसी का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है, जिसने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को लेकर एक बहस को जन्म दे दिया है।
घटना उस समय की है जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर सुनेत्रा पवार के नाम की घोषणा के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी। मंच पर प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे जैसे दिग्गज नेता मौजूद थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से ठीक पहले, नेताओं के बीच जो बातचीत हुई, वह कैमरे और ऑन माइक्रोफोन में कैद हो गई।
वीडियो में सुना जा सकता है कि नेता एक-दूसरे को निर्देश दे रहे हैं कि पत्रकारों के सवाल नहीं लेने हैं। कानाफूसी में यह भी कहा गया, “कह देना कि उनका मूड ठीक नहीं है।” हद तो तब हो गई जब यह फुसफुसाहट सुनाई दी कि “जब बात पूरी हो जाए तो उठ जाना, अगर वे दबाव डालें तो सीधे चले जाना, माइक ऑन है।” जैसे ही सुनेत्रा पवार ने अपना प्रारंभिक बयान दिया, प्रफुल पटेल ने उन्हें जाने के लिए कह दिया और पत्रकारों के सवाल पूछने से पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर दी गई। दिलचस्प बात यह रही कि सुनेत्रा पवार के जाने के बाद प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे दोबारा अपनी सीटों पर आकर बैठ गए।
इस पूरे ड्रामे के बीच विधायक सरोज अहिरे का भी एक वीडियो सामने आया है। उन्होंने उन्हें कभी उनके दादा के पास जाने का मौका नहीं दिया, लोगों को कम से कम उन्हें सुनेत्रा वहिनी (भाभी) के पास तो जाने देना चाहिए।
विवादों के बीच, जब सुनेत्रा पवार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, तो वह काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने भारी आवाज में कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए लाखों कार्यकर्ताओं का विश्वास है। उन्होंने दिवंगत नेता अजित पवार को याद करते हुए कहा कि हम अभी तक अपने प्यारे नेता अजित दादा के असमय निधन के गहरे दुख से उबर नहीं पाए हैं। उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे भरा नहीं जा सकता।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पार्टी की विचारधारा और ‘दादा’ के सपनों को आगे ले जाने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगी। उन्होंने NCP को अपना परिवार बताते हुए समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का संकल्प दोहराया। हालांकि, जिस तरह से उनकी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को बीच में ही रोक दिया गया, उसने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पार्टी के भीतर अभी भी पुराने दिग्गजों का ही दबदबा रहेगा? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।