Mumbai MNC में करोड़ों के भ्रष्टाचार का खुलासा, ए-वार्ड अधिकारियों पर सतर्कता विभाग की फटकार

Municipal Corporation Election से पहले Mumbai MNC के सतर्कता विभाग ने भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। बताया जा रहा है कि सौंदर्यीकरण और झोपड़पट्टी सुधार परियोजनाओं के नाम पर 103 करोड़ का घोटाला हुआ है।
बीएमसी (pic credit; social media)
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Mumbai News In Hindi: मनपा के सतर्कता विभाग ने 2023 से 2025 के बीच हुए 103 करोड़ रुपये के सौंदर्यीकरण और झोपड़पट्टी सुधार परियोजनाओं भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर 'ए-वार्ड" अधिकारियों को फटकार लगाई है।

ए-वार्ड में कोलाबा, कफ परेड, मरीन ड्राइव, पी।डी' मेलो रोड और बैलार्ड एस्टेट का कुछ हिस्सा शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, सतर्कता विभाग ने 14 अगस्ता को नोटिस जारी कर एवार्ड से संबंधित परियोजनाओं के दस्तावेज मांगे थे। इसके बाद 22 सितंबर को दोबारा नोटिस जारी किया गया, क्योंकि प्रारंभिक स्थल निरीक्षण में अनियमितताएं सामने आई।

यह जांच आरटीआई कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की शिकायत पर शुरू की गई। निरीक्षण में परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ियां, रिकॉर्ड में विसंगतियां और वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले। कई महत्वपूर्ण फाइलें गायब पाई गई, जबकि कुछ कार्यदिश संदिग्ध लगे, जांचकर्ताओं ने सुधार कार्यों की आड़ में अनावश्यक निर्माण की ओर भी इशारा किया।

दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश

जानकारी के मुताबिक, सतर्कता विभाग ने ए-वार्ड को वर्षवार विकास कार्यों का पूरा ब्यौरा, मूल कार्यदिश और सहायक दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। यह रिमाइंडर पत्र 24 जुलाई को अतिरिक्त आयुक्त और 14 अगस्त को मुख्य अभियंता द्वारा जारी निर्देशों का हवाला देता है।

जांच में पाई गईं कई अनियमितताएं

सतर्कता विभाग ने यह भी उल्लेख किया किए-वार्ड ने 1 सितंबर 2025 को पत्र द्वारा आश्वासन दिया था कि अनुरोधित दस्तावेज अनंत चतुर्दशी उत्सव के बाद जमा किए जाएंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुज्स, हालांकि, ए-वार्ड के कार्यवाहक सहायक आयुक्त जयदीप मोरे ने बताया कि आवश्यक दस्तावेज पहले ही जमा कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मैंने 29 सितंबर की सतर्कता विभाग द्वारा मांगे गए दस्तावेज सौंप दिए है। निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आई है। कोलाबा में फर्जी मरम्मत आदेश, बधावार पार्क में अधूरा सौदयीकरण और शिकजी स्मारक परियोजना का आशिक क्रियान्वयन 29 कार्यों के व्यापक ऑडिट में और गड़बड़ियां मिली, जिनसे 28.32 लाख रुपये की वसूली और 12।22 लाख रुपये के जुमनि लगाए गए। अब सतर्कता विभाग दस्तावेजों की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई तय करेगा।

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