महाराष्ट्र के खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे ने आश्वासन दिया है कि राज्य की खेल नीति में जल्द ही बदलाव किया जाएगा। इस संबंध में राज्य खेल नीति समिति के सदस्य अविनाश ओमबासे ने हाल ही में मुंबई में खेल मंत्री कोकाटे से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद ओमबासे ने बताया कि राज्य में पहली खेल नीति 1994 में तैयार की गई थी।
दिवंगत खेल गुरु भीष्मराज काम की अध्यक्षता में गठित एक समिति ने सरकार के लिए नीति का मसौदा तैयार किया था। सरकारी उदासीनता के कारण यह मसौदा कई वर्षों तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
वर्तमान खेल नीति से न तो खिलाड़ियों का भला होने वाला है और न ही खेल जगत का विकास होने की संभावना है। इसलिए इस नीति में बदलाव बहुत जरूरी है। इस तरफ पहल होनी है।
इसके बाद, 1996 में जब मनोहर जोशी सत्ता में आए तो उन्होंने इस खेल नीति को लागू किया, लेकिन इससे अपेक्षित लाभ नहीं हुआ। राज्य में एक खेल नीति तो थी, लेकिन दिशाहीन होने के कारण, इससे खिलाड़ियों और खेल जगत को कोई लाभ नहीं हुआ। तत्कालीन विपक्ष के नेता एकनाथ खडसे और बाला नादगांवकर ने विधानसभा सत्र में राज्य सरकार को कड़ी टक्कर दी, जिसके परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री को राज्य की खेल नीति में बदलाव का ऐतिहासिक फैसला लेना पड़ा।
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2012 में नई खेल नीति बनाने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक खेल नीति समिति गठित की गई। इसमें राज्य के जाने-माने खेल विशेषज्ञों के साथ-साथ कुछ सांसद और विधायक भी शामिल थे। इस समिति ने पूरे राज्य के खेल क्षेत्र का अध्ययन किया और 58 सिफारिशों वाली एक खेल नीति का मसौदा तैयार किया।
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यह खेल नीति 2012 में राज्य को समर्पित की गई। राज्य में आने वाली हर सरकार ने नीति की 58 सिफारिशों को लागू करने की बजाय अपने फायदे वाले शिफारिश को ही मान्य किया। इसमें कई बदलाव करने और इसे पूरी तरह से नया स्वरूप देने की आवश्यकता है। खेल मंत्री कोकाटे ने खेल नीति पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आश्वासन दिया कि नीति पर जल्द ही एक बैठक आयोजित की जाएगी।