

Sachin Waze Bail In Antilia Bomb Case: मुंबई की विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने वर्ष 2021 के चर्चित एंटीलिया बम धमकी मामले और कारोबारी मनसुख हिरेन की संदिग्ध हत्या के केस में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मुंबई पुलिस के बर्खास्त सहायक पुलिस निरीक्षक (API) सचिन वाजे को जमानत दे दी है। हालांकि, अदालत का विस्तृत और कारण सहित आदेश फिलहाल उपलब्ध नहीं हो सका है, लेकिन यह फैसला इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
सचिन वाजे उन कुछ आरोपियों में से एक थे जो अब तक जेल में थे। बाकी ज्यादातर आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इनमें मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी प्रदीप शर्मा, सुनील माने और रियाजुद्दीन काजी शामिल हैं।
स्पेशल NIA कोर्ट ने 1 अगस्त को आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। उन पर हत्या, जबरन वसूली, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश से जुड़े भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत अपराधों के लिए मुकदमा चलेगा।
बता दें कि 25 फरवरी 2021 को देश के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास 'एंटीलिया' के बाहर एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी पाई गई थी। जांच करने पर उस गाड़ी से जिलेटिन की 20 छड़ें (विस्फोटक सामग्री) और एक धमकी भरा पत्र बरामद हुआ था।
शुरुआती जांच में पता चला कि वह स्कॉर्पियो गाड़ी ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की थी। लेकिन मामला तब और जटिल हो गया जब 5 मार्च 2021 को मनसुख हिरेन का शव ठाणे के मुंब्रा क्रीक (खाड़ी) में रहस्यमयी परिस्थितियों में मिला। जांच एजेंसियों का आरोप है कि एंटीलिया के बाहर साजिश रचने के बाद राज खुलने के डर से मनसुख हिरेन की हत्या कर दी गई थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गृह मंत्रालय ने इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी थी। जांच के दौरान NIA ने सचिन वाजे को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चिन्हित किया और मार्च 2021 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद मुंबई पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए सचिन वाजे को सेवा से बर्खास्त कर दिया था।
NIA की चार्जशीट के अनुसार, वाजे ने अपनी खोई हुई साख वापस पाने और खुद को एक कुशल अधिकारी साबित करने के लिए यह पूरी साजिश रची थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया और कई याचिकाओं के बाद अब उन्हें अदालत से राहत मिली है।