एंटीलिया विस्फोटक केस में बड़ा मोड़, सचिन वाजे समेत 10 आरोपियों पर आतंकवाद और हत्या के आरोप तय

Mumbai News: एंटीलिया विस्फोटक और मनसुख हिरेन हत्या मामले में विशेष अदालत ने सचिन वाजे व प्रदीप शर्मा सहित 10 आरोपियों पर UAPA और हत्या के आरोप तय कर दिए हैं। ट्रायल शुरू होगा।
A special court framed UAPA and murder charges against 10 accused, including dismissed cops Sachin Waze and Pradeep Sharma, in the Antilia bomb scare case.
अंबानी के आवास (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Antilia Bomb Scare: उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास 'एंटीलिया' के बाहर विस्फोटक मिलने और व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के चर्चित मामले में, शनिवार को एक विशेष अदालत ने बड़ा कदम उठाया है। घटना के पांच साल बाद अदालत ने बर्खास्त पुलिस अधिकारियों सचिन

वाजे, सुनील माने और प्रदीप शर्मा सहित 10 आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के तहत आतंकवाद और हत्या के आरोप तय कर दिए हैं।

हालांकि, सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है। इस मामले में अधिकतम सजा मृत्युदंड का प्रावधान है। यह मामला 25 फरवरी 2021 का है, जब दक्षिण मुंबई स्थित एंटिलिया के पास विस्फोटकों से भरी एक स्कॉर्पियो एसयूवी बरामद की गई थी।

इसके कुछ ही दिनों बाद 4 मार्च 2021 को वाहन मालिक मनसुख हिरन की हत्या कर दी गई थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का दावा है कि सचिन वाजे इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड था।

हत्या करने की साजिश रची

उसने उद्योगपति और समाज के धनी व्यक्तियों के मन में डर पैदा कर उनसे वसूली करने के मकसद से इस साजिश को अंजाम दिया था। एनआईए के अनुसार, मनसुख हिरेन की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उसने विस्फोटकों से लदी गाड़ी की जिम्मेदारी अपने सिर लेने से इनकार कर दिया था। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि हिरेन साजिश की एक कमजोर कड़ी था। जो पूरे मामले का पर्दाफाश कर सकता था।

इसी कारण वाजे, माने, शर्मा और अन्य सह-आरोपियों ने मिलकर हिरन के अपहरण और हत्या की साजिश रची। अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में औपचारिक रूप से मुकदमे की सुनवाई (ट्रायल) शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

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